The Post of 31 December 2025
1960 मे जब अबू धाबी ने तेल एक्सपोर्ट करना शुरू किया था, तब यह दुनिया भर में पिछड़ा हुआ मुल्क था।इसकी आबादी 30,000 थी, कुछ ही पक्की सड़कें थीं और रेगिस्तान की रेत में फैली इमारतों के झुंड थे।
1973 में अरब-इसराइल जंग के बाद तेल का दाम 378 गुणा बढ़ने के बाद अरब देशों के शासकों ने ऐसी तरक़्क़ी करवाई कि दुनिया के अर्थशास्त्रियों को चौंका दिया।
आज इस चमचमाते यूएई की आबादी 40 लाख है और यह दुनिया में सबसे ज़्यादा Sovereign Wealth जमा करने वाले देशों में से एक है, जिसने अपने पेट्रोडॉलर को इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट और घरेलू डेवलपमेंट में लगाया है।
1966 से अबू धाबी के अमीर शेख ज़ायद बिन सुल्तान अल नाहयान ने 40 साल Low Profile रख कर अपने मुल्क मे इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना शुरू किया और दुनिया में इंवेस्टमेंट किया।
आज दुनिया का सब से बड़ा सॉवरेन वेल्थ फंड $2.243 trillion ($1690.5+$551.6+$101.5) यूएई के पास है।दूसरा, तीसरा नॉर्वे, सिंगापुर, सऊदी अरब, कुवैत वग़ैरह है। चीन के पास भी $2.931 trillion का सॉवरेन फंड है मगर उस की आबादी 1.4 billion है।
आज शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल-नाहियान ने भी Foreign Investment जारी रखा जैसे इटैलियन कार बनाने वाली कंपनी Ferrari, Carlyle Group और चिप्स बनाने वाली कम्पनी AMD वगैरह मे।
2026 मे चीन की बहुत सारी Artificial Intelligence (AI) कम्पनी IPO ला रही है। कल की खबर है की चीन के AI कम्पनी MiniMax के 5 जनवरी से आने वाले $600 million के IPO मे अबूधाबी सॉवरेन फंड बड़े पैमाने मे निवेश करने जा रहा जबकि इस के पहले वह अमेरिका की AI कम्पनी Cerebras मे इन्वेस्टमेंट किये हुआ है।
#NOTE: आज दुबई “Capital of capital” यानी पैसा की राजधानी बन गया है।FIFA का Annual Award Ceremony किसी दूसरे देश में न होकर अब दुबई में होगा।अफसोस है कि भारतीय क्रिकेट (IPL) का मैच मुम्बई या कोलकाता आदि में न हो कर दुबई और शारजाह में होता है।

