Post on 18th october 2025

1990 से बाबरी की आत्मा हिन्दुस्तान के भूत, वर्तमान, भविष्य को भटका रही है।

आज़ादी के बाद भारत ने हर क्षेत्र मे तरक़्क़ी किया।1980 तक ऊर्जा छोड कर भारत हर क्षेत्र मे आत्मनिर्भर हो गया और एशिया मे सोवियत संघ के बाद दूसरा पावर बन गया था।

सोवियत संघ 1989 में टूट गया मगर हिन्दुस्तान ने एशिया का सुपर-पावर बन्ने का नारा नहीं लगाया और न कोशिश किया बल्की बाबरी का रोड, गली, चौराहे पर नारा लगा कर देश में मुस्लिम दुश्मनी और मुस्लिम तिरस्कार को पैदा करना शुरू किया।

1990 से संघ, कांग्रेस, समाजवादीयों और छोटे छोटे पोलिटिकल संगठन ने बाबरी को मुद्दा बना कर मुस्लिम दुश्मनी और मुस्लिम तिरस्कार को हिन्दुस्तान के “राजनीतिक मे” (Into Politics) पिरो दिया।

*तेल के बढ़े दाम ने पश्चिमी देश ख़ास कर अमेरिका के Manufacturing Industries के उरूज को ख़त्म कर दिया।1990 के बाद अमेरिका अपने वजूद को बरक़रार रखने के लिये मजबूरी में अपना मैन्युफ़ैक्चररींग चीन shift करना शुरु किया।यहॉ तक के, अमेरिका अपना Research & Patent को भी चीन को दस्तख़त कर देने लगा, जो 2012 बराक ओबामा के कार्यकाल तक मे रहा।

*हिन्दुस्तान 1990 से बाबरी का हर रोड-गली-चौराहा पर नारा शुरू कर भारतीय समाज मे मुस्लिम दुश्मनी और तिरस्कार पैदा करना शुरू किया। उधर चीन पहली बार December 1991 मे Olympics 2000 का आवेदन किया, मगर नही मिला।

*हिन्दुस्तान बाबरी के नाम पर दंगा-नवमी कर कश्मीर से कन्याकुमारी तक जीडीपी जलाता रहा और उधर चीन ओलम्पिक की तैयारी करता रहा।चीन ने दोबारा 1998 में Olympics 2008 के लिये आवेदन दिया और उस को मिल गया।उस के बाद, चीन ने जो तरक़्क़ी किया उस ने चीन के भूत-वर्तमान-भविष्य को बदल दिया और आज 21वी शताब्दी का Economic & Military Power बन गया।

*1998 मे हिन्दुस्तान ने बाबरी से मुस्लिम दुश्मनी पैदा कर संघ की वाजपेयी सरकार बनवा दिया जिस ने भारत का “वर्तमान-भविष्य” लिख दिया।2000 में चीन विस्तारवादी हो गया और हम से मुग़ल के बनाये शहर, जिला के नाम-पता बदलने की कला सीख कर हमारे ही राज्य, ज़िला का नाम-पता बदलने लगा।

#NOTE: दुआ और उम्मीद है कि बिहार के चुनाव का परिणाम हिन्दुस्तान की चालीस साल से भटकती आत्मा को शांत करे गा।
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Comments on the Post

Mohammed Seemab Zaman भारत में बहुत से लोगो को याद नहीं होगा कि चीन ने 1991 मे Olympics के दावेदारी से अपने तरक़्क़ी की निव रखी। भारत मे 1992 में बाबरी शहीद कर मुस्लिम दुश्मनी की निव रखा। हम को याद है कि जब 1998 में चीन ने दोबारा Olympics का आवेदन दिया था तो South East Asia के मुल्क ख़ास कर मलेशिया ने oppose किया था कि सारा निवेश चीन चला जाये गा और हम लोग ASEAN तरक़्क़ी नही कर पाये गें।चीन ने बाद में सब से समझौता किया और Olympics में सब को साझेदार बनाया।