Post on 24 October 2025

*जब तेजस्वी यादव को इंडिया गठबंधन (I.N.D.I.A) का मुख्यमंत्री घोषित कर दिया गया है तो उर्दू नाम वालो को इसी गठबंधन के उम्मीदवारो को “एक मुश्त” वोट देना चाहिये क्योंकि बिहार का यह चुनाव भारत के वर्तमान और भविष्य का निर्णायक चुनाव है।बिहार ने हमेशा समाज और देश को दिशा देखाया है।

*बिहार के यादव जाति के लोग इस चुनाव मे “डेढ़ सयाना” बन्ने की कोशिश नहीं करें और एनडीए गठबंधन के यादव उम्मीदवार को चुनाव मे वोट न दें।यादव लोग यह जान लें किसी जाति मे 50 और सौ साल में एक नेता पैदा होता है, जैसे भूमिहार मे श्री बाबू पैदा हुऐ फिर आज तक कोई दूसरा श्री बाबू भूमिहार जाति मे नही पैदा हुआ, या कायस्थ जाति मे कोई दूसरा नेता कृष्ण बल्लभ सहाय नही पैदा हुआ।यादव जाति को भगवान ने तेजस्वी के रूप में दूसरा लालू प्रसाद यादव नेता दिया है, अगर यादव इंडिया गठबंधन को “एक मुश्त” वोट देकर नही जिताया तो अगले सौ साल कोई यादव नेता बिहार मे पैदा नही होगा, यह जाति भी भूमिहार और कायस्थ के तरह दशकों भटकती रहे गी।

*वीआईपी के नवजवान मुकेश सहनी, ने पिछले 15 साल में अपने अति पिछड़ा जाति को नई पहचान दिया है, जिस के कारण इंडिया गठबंधन ने उप मुख्यमंत्री पद देने की घोषणा किया है।इस से गठबंधन मज़बूत हुआ है।मल्लाह जाति के लोग 1980 के दशक में भी कांग्रेस पार्टी में पशुपालन मंत्री बनते रहे हैं।

*उर्दु नाम वालो आप लोग इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों को वोट दिजये।ख़ास कर गठबंधन के सभी मुस्लिम उम्मीदवार को “एक मुश्त” वोट दिजये चाहे वह जितें या हारे, इस की फ़िक्र नही किजये, अपनी मज़बूत पहचान बनाईय।

*भाकपा(माले) के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य के सभी उम्मीदवारों को उर्दू नाम वाले हर हाल में “एक मुश्त” वोट देकर उन की जीत निश्चित किजये।यह एक सियासी मौक़ा है, बिहार में ग़रीबों के साथ कंधा से कंधा मिला कर चलने का, इस को नहीं चूकिये गा।

*मुस्लिम बहुल क्षेत्र में AIMIM के मुस्लिम उम्मीदवार को एक जुट होकर वोट देकर उन की जीत निश्चित किजये ताकि भविष्य में अच्छा नेता उभरे और आप लोग भी भविष्य मे 5-10 साल बाद पार्टी बना कर गठबंधन कर सकें।पिछले बार जो लोग AIMIM से जीत कर पार्टी छोड़ कर भागे थे उन को कभी भी जितने नही दिजये, उन के सियासी कैरियर को हमेशा के लिए ख़त्म कर दिजये।

*उर्दू नाम वालों, पेंटागान किशोर (PK) के किसी मुस्लिम या ग़ैर मुस्लिम उम्मीदवार को अपना मूल्यवान वोट कभी नहीं दिजये।जहॉ जीत रहा हो, वहॉ हराने की कोशिश किजये।

#NOTE: यह ज़रूरी नहीं है कि हमारे इस पोस्ट से सभी उर्दू नाम वाले सहमत हों मगर वह अपना सुझाव ग्राउंड पर देखते हुऐ खुल कर कौमेंट करें क्योंकि यह चुनाव बिहार और देश का वर्तमान और भविष्य लिख रहा है।
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Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman तेजस्वी यादव एक नवजवान, व्यवहारिक उभरते हुऐ नेता हैं। इन को नीतीश कुमार ने 17 महीना उप-मुख्यमंत्री बना कर experienced नेता बना दिया है। इस वजह कर डरने का नहीं है कि यह मुख्यमंत्री बन कर सफल हों गें या नहीं। यह निश्चित रूप से सफल मुख्यमंत्री साबित होंगें।

Aslam Khan आप के सुझाव से सभी लोग सहमत होंगे। pK को वोट नहीं करना है। वोट को बर्बाद नहीं कीजिये। सूझ बुझ से फैसला कीजिये

  • Mohammed Seemab Zaman आप के पोस्ट के बाद से हम इस पर उस दिन से ग़ैोर व फ़िक्र कर रह थे।जब कल बहुत कुछ साफ़ हो गया तो यह पोस्ट आज लिख कर पोस्ट कर दिया। आप के कौमेंट मे सहमति जान कर ख़ुशी हुई, शुक्रिया।

Salimuddin Ansari जादवों का वोट में यह रवैय्या रहा है के आरजेडी मुस्लिम उम्मीदवार को हराना हराना रहा है।

  • Mohammed Seemab Zaman उसी से तो लिखा है कि यादव #डेढ_सयाना नही बने , यानि ज़्यादा होशियार नही बने वरना सौ साल तक भटकते रहें गें।

Mir Talib Ali इस बार का चुनाव अगड़ा बनाम पिछड़ा बनता दिख रहा है। बीजेपी की सियासत पिटती दिख रही है। नीतीश जी जनता की निगाह में बेबस दिख रहे हैं। महागठबंधन चुनाव जीतने की तरफ बढ रहा है। बिहार के हर तबके को चाहिए की इस बार तेजस्वी को जरूर मौका दे। मुझे लगता है यह नौजवान बेहतर नेतृत्व का प्रदर्शन करेगा।
बिहार चुनाव के मौका पर आपका यह पोस्ट हर तबके के लोगों के लिये बेहतरीन मशविरा है।

Qasim Chaudhary एक उर्दू नाम वालों ने उर्दू नाम वालों को जो सन्देश दिया है मेरी नज़र में इससे बेहतर कोई पोस्ट नहीं हो सकती बिहार चुनाव में. अल्लाह आपको 100 साल से भी लम्बी उम्र अता करे ओर आपके दरजात बुलंद हो. गजब साहब | सबसे बेहतर बात जो मुझे लगी वो ये है की जहाँ मुस्लिम बहुल है वहां AIMIM को वोट ओर अगले 20-25 साल में लीडरशिप क़ायम करें.

Shakeel Ahmad बेशक आपका पोस्ट वक्त की नजाकत को ध्यान में रखते हुए एक बेहतरीन पोस्ट है। जो बहुत हदतक हमें भावनाओं/ इमोशन में बहने से रोक सकता है और एक मैच्योर्ड फैसला लेने मदद करेगा।

Zeya Hasan Siddiqui पब्लिक प्लेस या सोशल मीडिया पे मुसलमानों से किसी खास पार्टी या गठबंधन को वोट देने की अपील करने से दूसरे समुदाय में काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है,वोट चुपचाप देने की चीज है और पूरे हिंदुस्तान की बनिस्बत में बिहार के उर्दू नाम वाले सियासत में काफी परिपक्व हैं बिहारी मुसलमान जानते हैं कि करना क्या है लेकिन समझदारी यही होगी कि हल्ला हंगामा करके वोट न दिया जाए।
बाकी पेंटागन किशोर को हराने की अपील की मैं ताईद करता हूं और इसके लोगों को हराने के लिए हल्ला गुल्ला और ऐलान किया जाना बहुत जरूरी है।

Arif Kamal कई लोग कह रहे है गठबंधन ने किसी मुसलमान को अपना चेहरा नहीं बनाया इसलिए गठबंधन का बाइकॉट कीजिए ।लेकिन मैं आपकी हर बात से पूरी तरह सहमत हूँ ।आपने भावनात्मक नहीं हमेशा की तरह तथ्यात्मक सुझाव दिया है ।अगर मुसलमान अपनी खोई पहचान वापस चाहता है तो आपकी एक एक बात मेरी समझ से सौ प्रतिशत सही है ।AIMIM के बारे में जो आपने सुझाव दिया है वो भी बेहद शानदार और दूर अंदेशी से भरा हुआ सुझाव है ।
कई बार जो काम हम ख़ुद नहीं कर सकते वो आसानी से करवा सकते हैं ।हमको चुनाव में चेहरा नहीं बनाया इसको दिल पर लेने की ज़रूरत नहीं है ।आप किंग मेकर बनिये किंग आपका काम ज़रूर करेगा ।
मुसलमान एक काम और करे।बदकिरदार और हार्डकोर क्रिमिनल्स को बिलकुल वोट ना करे ।वो आपकी आवाज़ कभी नहीं बनेंगे ।वो पूरी ज़िंदगी ख़ुद को सलाख़ों के पीछे जाने से बचाने के लिए सत्ता की सिर्फ़ ग़ुलामी करेंगे ।बेसिक कॉन्सेप्ट होना चाहिए कि मुस्लिम या हिंदू देख कर वोट नहीं करना है ।बल्कि अपना दूरगामी फ़ायदा कहा है ये देख कर वोट करना है ।

عبد الحسیب बिहार में चुनाव का नतीजा आखरी आखरी वोट तक समझ नहीं आता है , लोग शिकायत कर रहे हैं कि 2 % वाले को उपमुख्यमंत्री का घोषणा कर दिया , वही 18 % वालों को इग्नोर कर दिया गया , सर क्या ये तेजश्वी की सियासी गलती होगी.

Mozaffar Haque बिल्कुल सही बात है। इंडिया अलायन्स को सिर्फ इस लिए वोट नहीं देना कि उन्हों ने aimim को इस गठबंधन में शामिल नहीं किया यह एक सियासी ग़लती होगी। भारत का मुसलमान अपने देश के लिए कुर्बानी देता आया है। यह फिर एक मौक़ा है अपने वोट को बर्बाद न करने का और यह देश हित में भी है क़ौम के भी हित में है। जहाँ कहीं aimim का मुस्लिम बहुल छेत्र में उम्मीदवार है, उसको एक जुट हो कर जितायें और आगे की सियासत में अपनी पकड़ मज़बूत करें।

  • Mohammed Seemab Zaman है कौन? AIMIM के नेता तो बेग़गैरत लोग थे जो जीत कर भाग गये। अब सिर्फ़ एक बचे हैं। ठीक किया AIMIM को गठबंधन में शामिल नहीं किया।

Asghar Ali Khan Sir, तेजस्वी यादव मुस्लिम विधायक को टिकट न देकर यादव महिला को राजद ज्वाइन करा कर टिकट दिए हैं जिसे 33000 वोट से 2020 में हराये थे वह मुस्लिम विधायक निर्दलीय लड़ रहे हैं। इसी तरह मुस्लिम को दिया टिकट कैंसिल करा कर कांग्रेस से संघी मानसिकता के ब्राह्मण को टिकट दिलाए हैं जो 2020 में जिन्नावादी का आरोप लगा कर कई सीटों पर राजद को नुक्सान पहुंचाया था ऐसी सीटों पर मुस्लिम राजद गठबंधन को कैसे वोट देंगे जहां पर मुस्लिम लीडरशिप को खत्म किया जा रहा है
ऐसी सीटों पर AIMIM को एकमुश्त वोट देने वाला फार्मूला अपनाना चाहिए

  • Mohammed Seemab Zaman आप का लीडर तो चार जीता वह छोड़ कर दूसरे पार्टी में चला गया। यह चुनाव मे बिहार मे कोई मुस्लिम नेता matured नही है।

Shadab Samar Aap sahi likh rhe hain, lekin mafaadparasti kahin urdu naam walon ko na le Dubey.
PK dusrey kejriwal hain….

  • Mohammed Seemab Zaman PK केजरीवाल से ज़्यादा गंदा आदमी है।

Jamal Akhtar Nahi to UP ki tarah langda banenge.

Sujeet Shandilya कांग्रेस के पास भी मौका था तो गफूर साहब को मुख्यमंत्री बनाई थी। कांग्रेस और राजद दोनों ने मुस्लिम समुदाय को सरकार और संगठन दोनों में अहम पद दिए हैं उनकी योग्यता के कारण।

Arvind Srivastva मैं सहमत हूं इस पोस्ट से