Post of 21 June 2025
यह विडियो बिल क्लिंटन का है जो 1993 से 2000 तक अमेरिका के राष्ट्रपति थे। इन्होंने यूरोप में चार साल चले बोस्निया की जंग (1992-1995) के क़त्ल-व-ग़ारत को ख़त्म किया था।
क्लिंटन की पत्नि ने भी अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए चुनाव लड़ा था मगर वह हार गई और उस के बाद अमेरिका और यूरोप में “MeToo” के नाम से तहरीक चला कर साज़िशी दिमाग़ वालो का ज़वाल शुरू किया गया, कुछ मर गये, कुछ जेल में हैं।
क्लिंटन ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प को मिडिल ईस्ट में चल रहे मौजूदा संघर्ष को “शांत” करने के लिए टेलीफ़ोन किया है।उन्होंने ट्रम्प को मिडिल ईस्ट में अपने दोस्तों और सहयोगियों की हिफ़ाज़त करने को भी कहा।उन्होंने यह भी कहा कि “मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ऐसा करेंगे।”
राष्ट्रपति क्लिंटन ने कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू लंबे समय से ईरान से लड़ना चाहते हैं, ताकि इस तरह वे हमेशा के लिए प्रधानमंत्री के पद पर बने रह सकते हैं।
*उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने कार्यकाल में ईरान के न्यूक्लियर योजना को रोकने में बहुत हद तक कामयाब हुऐ थे।
*मगर क्लिंटन ने यह नहीं कहा कि उन के बाद बने राष्ट्रपति बुश ने 28 जनवरी 2002 को सुबह में कांग्रेस में ईरान को Axis of Evil कहा और शाम में ईरान को न्यूक्लियर बनाने के दस्तावेज़ पर दस्तख़त किया ताकि मिडिल ईस्ट का बाक़ी देश अगले 20 साल 2022 तक ईरान के आतंकवाद से संघर्ष करते रहें।
*भला हो, पिछले 20 साल मे चीन आर्थिक और सैन्य शक्ति बन गया और मार्च 2022 में ईरान-सऊदी अरब दोस्ती करा कर पश्चिमी देशों के आतंकवाद और भारत के शिया-सुन्नी के सोंच के मंसूबे पर पानी फेर दिया।
#NOTE: यह हैं बिल क्लिंटन जो शांति का आह्वान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से कर रहे हैं, वहीं कल भूतपूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा कह रहे हैं कि ट्रम्प अमेरिका में प्रजातंत्र ख़त्म कर दें गें।
दोनों के सोंच में फ़र्क़ देखये।क्लिंटन को बदली दुनिया में मिडिल ईस्ट का महत्व पता चल गया और शांति और सुरक्षा की बात कह रहे हैं मगर यह ओबामा वही 2014 वाली सोंच पर हैं।