Post of 22 June 2025
9/11 के बाद राष्ट्रपति बुश ने 28 January 2002 को अपने कांग्रेस के भाषण में ईरान, कोरिया, इराक़ को “Axis of Evil” कहा और उसी शाम को व्हाइट हाऊस में ईरान को Nuclear Energy यानि एटौमिक ऊर्जा पैदा करने की अनुमति दिया ताकि ईरान पूरे मिडिल ईस्ट मे “आतंकवाद” फैला कर पूरे मिडिल ईस्ट को तबाह करता रहे।
#अमेरिका की ईरान की यह योजना कुछ हद तक कामयाब रही और ईरान अफ़ग़ानिस्तान, मिडिल ईस्ट से लेकर अफ़्रीका तक आतंकवाद का झंडा गाड़ता रहा मगर मिडिल ईस्ट अमेरिका से अपना पैसा निकाल कर दुबई और सऊदी अरब, सूडान का विकास करता रहा और अपने Sovereign Funds को जमा करता रहा।
#अरब दुनिया के 5 साल मे अमेरिका से पैसा निकालने से अमेरिका मे 2007 आर्थिक संकट पैदा हो गया। ओबामा को ईरान के प्रोक्सी से अरब के बर्बादी की उम्मीद ख़त्म हो गई तो 2011 मे “Arab Spring” शुरू कर लिबिया, टूनिशिया, मिस्र, सीरिया आदि तथा ISIS को पैदा कर अरब देशों की बर्बादी का रास्ता ढूंढ निकाला।
#ईरान को पता चला ओबामा यानि अमेरिका अब ईरान को भूल जायें गा तो उस ने अपने न्यूक्लियर प्लांट में 2011 से जो हज़ारो हज़ार centrifugal machine जमा किया था उस को लगा कर यूरेनियम साफ़ करना शुरू किया। (निचे ग्राफ़ देखें जो Financial Times, London का है).
#ओबामा को जब ईरान की न्यूक्लियर क्षमता का पता चला तो वह 2016 मे JCPOA का ढोंग रच कर फिर मिडिल ईस्ट को बेवकूफ बनाना चाहा। मगर 2017 मे ट्रम्प के राष्ट्रपति बन्ने के बाद सऊदी अरब ने ट्रम्प से JCPOA को ख़त्म करवा दिया और फिर ईरान Centrifugal Machines की क्षमता बढ़ा कर यूरेनियम साफ़ करने लगा और आज 10 जून 2025 को ईरान के पास 400 kg 60% clean uranium है।
#मगर चीन ने मार्च 2022 में ईरान-सऊदी अरब दोस्ती करा कर अमेरिका और उसे के गर्लफ़्रेंड के सारे मंसूबे पर पानी फेर दिया। ईरान अफ़ग़ानिस्तान,पाकिस्तान से लेकर अरब दुनिया तथा अफ़्रीका में आतंकवाद ख़त्म कर दिया, यहॉ तक के सीरिया में भी “फ़ॉल आफ़ असद” पर राज़ी हो गया।
#NOTE: गर्लफ़्रेंड-आशिक़ का मिडिल ईस्ट को बर्बाद करने का खेल ख़त्म हो गया और अब यह ईरान-अमेरिका के बीच “चूहा-बिल्ली” का खेल हो गया है।“बिल्ली” अब “चूहे” पर निर्णायक विजय प्राप्त करने में असमर्थ है।
https://www.youtube.com/watch?v=UBVn7_uDoWU
