The Post of 22 January 2026

1987 मे स्विट्जरलैंड के डावोस में वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम (WEF) एक जर्मन इंजीनियर द्वारा शुरू किया गया। यहॉ हर साल एक आम सभा आयोजित किया जाता है, जहॉ दुनिया के नामचीन बिज़नेसमैन, नेता तथा राष्ट्र अध्यक्ष आते हैं।

पिछले साल, एक हफ़्ता के WEF सम्मेलन से स्विट्जरलैंड की अर्थव्यवस्था को $66 million का फ़ायदा हुआ।अब अगले साल से यह सम्मेलन दुनिया के चार शहर Detroit (अमेरिका), Buenos Aires (अर्जेंटीना), Dublin (आयरलैंड), Jakarta (इंडोनेशिया) में rotation से होगा।

डोनाल्ड ट्रम्प के कल के डावोस के भाषण से दुनिया को पता चल गया कि अमेरिका ग्लोबल इकॉनमी का लीडरशिप छोड़ चुका है और अब विश्व अर्थव्यवस्था में चीन जीत गया है।

यही कारण है कि आज ट्रम्प ने “Board of Peace” का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन समारोह डावोस में किया। ट्रम्प ने कहा कि “यह अब तक का सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड होगा मगर इसमें कुछ विवादित लोग हैं।”

इस “बोर्ड ऑफ पीस” मे 6 राजा, 3 पुराने सोवियत संघ के देश, 2 मिलिट्री सपोर्ट वाली सरकारें और 2 आपराधिक नेता व्लादिमीर पुटिन और बेंजामिन नेतनयाहू हैं, जिन पर युद्ध अपराधों के लिए इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) से arrest warrant जारी हो चुका है।

ट्रम्प के यह “बोर्ड ऑफ़ पीस” ने यूरोप को हिलाकर रख दिया है। Norway, France, Sweden, Slovenia ने इस में शामिल होने से इंकार कर दिया है। आज डावोस उद्घाटन समारोह में इंग्लैंड शामिल नहीं था।

#NOTE: जिस तरह से चीन के खिलाफ “Quad” विवादित था या इसराइल हित में “Abraham Accord” विवादित था, उसी तरह से “बोर्ड ऑफ पीस” भी विवादित है। इस का भी हशर “अब्राहम अकोर्ड” और “क्वाड” की तरह होगा।
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Some comments on the Post

Aquil Ahmed ये Board of peace 3 सांल से ज्यादा नही चलेगा , और बिना Billion 3 सांल ही free membership है. Russia कब से पिछलग्गू हो गया यह हैरान तो करता है , लेजिन बड़ा संकेत भी देता है अब China इकलौता power रह गया जिसे ऑटोमैटिकली EU देशो से मान्यता भी मिल जाएगी.

Sarfaraz Nadwi

جزاكم الله

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