FB Post on 30.11.2025
जो लोग चीन को सस्ता सामान बना कर दुनिया में बेचने वाला देश समझते थे, उन के लिए बहुत बुरी खबर है कि चीन अब सस्ता इनोवेशन (आविष्कार) कर अगले दस सालों में अमेरिका को विकासशील देश के क़तार में ला कर खड़ा कर दे गा और अभी जो विकासशील देश हैं जैसे भारत वह चीन पर निर्भर हो जाये गा।
यह हम सब को मालूम है कि पिछले दस साल में चीन इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs), सोलर पैनल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी में दुनिया में अपनी लीडरशिप स्थापित कर चूका है।
*अब दूसरी ख़ुशख़बरी यह है कि चीन दो और बड़ी टेक्नोलॉजी ऑटोनॉमस गाड़ियों (Robotaxi) और नई दवाओं के आविष्कार में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।इन नये क्षेत्रों में चीन की तरक्की चौंकाने वाली हो रही है।रोबोटैक्सी क्रांति तेज़ी पकड़ रही है, जो ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और रोज़मर्रा की शहरी और ग्रामीण ज़िंदगी को बदल दे गी।
चीन की ऑटोनॉमस टैक्सियाँ, जो अमेरिका में वेमो (Waymo’s) की लागत के एक तिहाई पर बनी हैं, यूरोप और मिडिल ईस्ट में पार्टनरशिप कर रही हैं।
*मेडिसिन में, चीन ने खुद को जेनेरिक दवाओं के कॉपीकैट मेकर से बदलकर कैंसर की नई दवाओं का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डेवलपर बना लिया है।2015 और 2018 के बीच 20,000 नई दवा को ह्यूमन ट्रायल के लिए मंज़ूरी मिलने वाला समय चीन में AI innovations के कारण 501 दिनों से घटकर 87 दिन रह गया।
2024 में चीन की दवा कम्पनीयों ने दुनिया के एक तिहाई क्लिनिकल ट्रायल किये हैं।वह दिन अब दूर नहीं जब चीन से बहुत सारी बड़ी फार्मा कम्पनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हो जायें गीं और अमेरिकन तथा यूरोपियन दवा की कम्पनी का युग समाप्त हो जाये गा।
#NOTE: अगले दस साल में चीन का Artificial Intelligence, Self-driving cars, Medicine टेक्नोलॉजीकल इनोवेशन दुनिया भर में फैलेगा और चीन लो-कॉस्ट इनोवेशन की नई ताकत बन कर अगले 100-150 साल दुनिया के भविष्य का मालिक होगा।
=========
Comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman ओबामा के Arab Spring ने मिडिल ईस्ट में 2011 से मिस्र, लिबिया, टूनिशिया, सीरिया, बहरीन में बहुत तबाही मचाया मगर 2016 के आते आते सभी अरब देशों ने Arab Spring को समाप्त कर चीन से नज़दीकी बढ़ा कर विकास पैदा करने लगे। आज यूएई एशिया का Financial Hub हो गया और भारतीय Mittal जिन का ArcelorMittal Steel कम्पनी यूरोप में है वह इंग्लैंड छोड़ कर यूएई में जा रहे हैं।
चीन की तेल कम्पनी Sinopec सऊदी अरब मे Refineries बना रहा है, UAE मे AI में साथ काम कर रहा है।
Sujeet Shandilya दरअसल दुनिया जब इस्लामी आतंकवाद के नाम पर अरब देशों को बदनाम कर रहा था और विश्व गुरु होने का झुनझुना बजा रहा था तब से चीन चुपचाप अपने काया पलट में लगा था। MSME से लेकर अपने यूनिकॉर्न तक को जरूरत का हर मदद कर रहा था। बाकी लोग कागज पर विश्व गुरु बनने की तैयारी कर रहे थे।
- Mohammed Seemab Zaman मुस्लिम दुनिया तो इस्लामी आतंकवाद को 9/11 के बाद झेल ही रही थी मगर Arab Spring के कारण तेज़ी से मुस्लिम दुनिया ने चीन को सपोर्ट कर विश्वगुरु बना दिया। बाक़ी लोग “Hindu Spring” को समझ ही नहीं पाये की यह ओबामा द्वारा भारत को बर्बाद करने की चाल थी ताकि “अब दुनिया में दूसरा चीन नहीं बने”.
- हम ने हमेशा कहा, संघ से मुस्लिम को नुक़सान कम है, फ़ायदा ज़्यादा है; हिन्दु को फ़ायदा कम, नुक़सान ज़्यादा है। वह अब सब को नज़र आ रहा है जब अरब देश अमेरिका की $1-2 trillion में बोली लगा रहा है।
Parmod Pahwa न्यू वर्ल्ड ऑर्डर के मुख्य बिंदु लीक हो गए हैं जो चीन की मर्जी पर लागू होंगे।
1 सभ्यताओं के आधार पर देशों का बनना ( 2035 तक का लक्ष्य )
2 सुरक्षा के लिए पड़ोसी को सुरक्षित महसूस कराना प्राथमिकता ( अभी तक पड़ोसी को कमजोर करके खुद को सुरक्षित समझा जाता है
3 ग्लोबल फ्री बैंकिंग व्यवस्था जो डिजिटल होगी ( स्विफ्ट का खात्मा )
4 यू एन कायम रहेगा लेकिन कानून आधारित होगा न कि वर्तमान की तरह प्रस्तावों पर या रूलिंग पर आधारित
- Mohammed Seemab Zaman यह जो हम ने पोस्ट किया है वह कल रात The Economist, London में छपा दो पेज का लेख है, जिस को हम ने काट-छाँट कर पोस्ट किया है।
Faysal Khan झूठा इतिहास लिखवा कर कोई विश्व गुरु नहीं बन सकता विश्व गुरु बनने के लिए नया इतिहास लिखना पड़ता है जो चीन ने भलीभांति करके दिखाया है। लेकिन बैल बुद्धियों को अब भी ये समझ नहीं आ रहा है.
Salim Khan हम अभी भी अवतारों के फेर में पड़े हुए हैं। विश्व गुरु भारत में आज भी चमत्कारी लोग हैं जो तरह तरह के राष्ट्र बनाने का खुलेआम भाषण दे रहे हैं और समुदाय विशेष जो शिक्षा को लेकर काफ़ी उत्साहित/संजिदा हो चला है,उसके हौसले पस्त करने के लिए मेरिट लिस्ट से एडमिशन लेने के बावजूद हंगामा खड़ा किया गया और शासन प्रशासन कुछ करने की स्थिति में नहीं दिखाई दिया। विडंबना ही कह सकते हैं कि लव जेहाद से होते हुए हम मेडिकल जेहादी तक बताए जाने लगे हैं। बाकी हमें पीछे ढकलने के बावजूद भी देश और पिछड़ता ही जा रहा है और इसमें भी हमें ही जिम्मेदार ठहराया जाता रहेगा ही कह सकते हैं क्योंकि ये दौड़ बिना शासन प्रशासन की मदद के आगे नहीं बढ़ सकती।
30/11/2025 at 2:11 PM
Sunn ker achchha lagta hai mager local label par ?