The Post of 27 January 2026

भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच बीस (20) साल से चल रहे पेंडिग ट्रेड डील को आज फाइनल कर लिया गया।यह अगले 6 महीना तक रिव्यू होगा।

EU ने इंडोनेशिया, मेक्सिको और स्विट्जरलैंड से और भारत ने ओमान, न्यूज़ीलैंड तथा इंग्लैंड से ट्रेड डील समझौता किया है मगर कोई अब तक लागू नहीं हुआ है, सब काग़ज़ पर है।

*EU और भारत के इस ट्रेड समझौता से अगले सात साल यानि 2032 तक भारत और EU दोनों 96.6% आयातित सामानों पर टैरिफ़ खत्म कर दें गें, जिस से यूरोपियन कंपनियों के लिए ड्यूटी में €4 billion की बचत होगी।

भारत यूरोप की कार (BMW, Porsche, Volkswagen) पर वर्तमान के 110% टैरिफ़ को घटा कर 10% कर देगा।भारत यूरोप के Wines, Whiskey आदि पर तुरंत 150% टैरिफ़ घटाकर 75% कर देगा और अगले सात साल मे 20% हो जाये गा।

*यूरोपियन यूनियन भी भारत के 96.6% वस्तु जैसे चमड़ा, टेक्सटाइल, केमिकल्स, रबर, लोहा, ज्वेलरी आदि पर टैरिफ ज़ीरो कर दे गा।

#NOTE: यह ट्रेड डील भारत के लिए शुभ नहीं है बल्कि EU के लिए “Mother of trade deals” है।अभी EU (26 देशों का समूह) और भारत के बीच €135 billion का ट्रेड होता है।नीचे Financial Times, London का भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के ट्रेड का ग्राफ़ देखये।पिछले पाँच साल मे भारत ने EU को ज़्यादा भारतीय सामान निर्यात (बेच) किया जो भविष्य में पहले के तरह (2020) बराबर हो जाये गा और यूरोप के सामान से भारतीय कम्पनियों को घाटा होगा।
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Some comments on the Post

Mohammed Seemab Zaman यह ट्रेड डील भारत के लिए फायदेमंद नहीं है बल्कि यह यूरोप के कम्पनियों को इस का बहुत फायदा होगा। भारत के बडे industrial घराना को बड़ी चुनौतीयों का सामना करना होगा।

Jitendra Singh ये डील खोखली है, ट्रंप को चिढाने के लिए है.

  • Mohammed Seemab Zaman, Jitendra Singh साहेब, यह डील खोखली नही है, यह यूरोप के लिए mother of all deals है। भारत का मिडिया इस को portray कर रहा है कि यह ट्रम्प को चिढाने के लिए है, जो ग़लत है। 20 साल से बात-चीत हो रहा था मगर ट्रम्प ने सब को “दिन मे तारा देखा दिया” इस वजह कर भारत मजबूरन यह डील करने को तैयार हो गया। दुनिया बदल गई मगर हम लोगो ने नई दुनिया के लिए कोई तैयारी नही किया, सिर्फ़ विश्वगुरू का नारा लगाते रह गये, जिस का नतीजा है कि यह डील मजबूरन करना पडा।

Kamil Khan जो चीजें यूरोप खरीद रहा है जिस पर ज़ीरो टेरिफ् है, वो सारी चीजें गरीब मजदूर और छोटे व्यापारी बनाते हैं बेचते हैं, bmw भारत में सस्ती बिकेगी तो नुक्सान बड़ी कंपनियों को और अमीर घरानो को होगा, मुझे पोस्ट पढ़ कर ये समझ में आया, अब भारत को नुक्सान कैसे होगा, ये एक अलग बात है, मुझे तो गरीब को राहत दिख रही है

  • Mohammed Seemab Zaman, Kamil Khan साहेब, दूसरे ग़रीब मूल्क भी हैं जो कपडा, leather, मछली आदि का व्यापार करते हैं, केवल भारत ही नहीहै। ग्राफ़ देखये, इसी को बरबार करने के लिए यूरोप ने यह ट्रेड डील कर लिया वरना 10 साल और बात-चीतत चलती रहती।

Aquil Ahmed जब तक service sector में इस FTA के ड्राफ्ट सांमने नही आते , कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी ….नही भूलना चाहिए Indonesia जैसे कुछ देश भी इसी सत्र के डील में है EU में जबकिं अभी india का quality हमेसा से concern रहा है western देशो के लिए ऐसे में service secter जो US द्वारा भयंकर झटके के बाद बहुत ही गम्भीर हालत में आ चुका है , यदि EU देश जो हाल के दिनों में visa सम्बन्धी नियमो में और सख्ती ला चुके है , यदि special छूट नही देता जो अमेरिका से मिलने वाले झटके को compensate कर दे , फिर FTI का बहुत लाभ नही मिलने वाला जबकिं घरेलू car जैसे बड़े उद्योगों पर प्रति कुल प्रभाव पड़ना तो पहले से ही तय है

  • Mohammed Seemab Zaman Service Sector का कोई समझौता सामने नही आया है, और न Visa का कोई समझौता हुआ है। यह सब goods का समझौता है जो लागू अगले साल January 2027 मे होगा अगर सब कुछ ठीक रहा तो।

Nadeem Hussain Syed

Mohammed Seemab Zaman Latin America का हाल जो FTA ने किया वैसा यहाँ भी हो सकता है ?
China से import होता रहेगा, हम लोग assemble करते रहेंगे वह भी अगर दंगा-फसाद ख़त्म हो तो।

  • Mohammed Seemab Zaman, Nadeem Hussain Syed साहेब Latin America से भी यूरोप ने ट्रेड डील किया है EU–Mercosur Partnership Agreement. The European Union–Mercosur Partnership Agreement (EMPA), a free trade agreement is a signed, but not yet ratified. यूरोप लैटिन अमेरिका मे €390 billion invest कर चूका है, मगर भारत मे कुछ नही किया क्योंकि यहॉ दंगा-फसाद और चीन-पाकिस्तान से बोडर प्रोब्लम है।
  • Middle East यूरोप मे निवेश नही कर रहा है क्योंकि रूस-यूक्रेन जंग चल रहा है।

Syed Shaad सर अभी कुछ रोज पहले मैं बात ही कर रहा था अगर टोयोटा की गाड़ियों पर सरकार टैक्स कम कर दे तो यहां का गली, मोहल्ला वाला नेता सब जो वार्ड काउंसलर कहलाता है वो भी टोयोटा फॉरच्यूनर रखने लगेगा। बेतहाशा फॉरच्यूनर फिर देश में हो जाएंगी। देखिए अब सीधे BMW का ही सपना लोग बाग का साहेब ने साकार कर दिया…