The Post of 30 December 2025
29 December 2025 को अमेरिकी अख़बार The New York Times में पत्रकार मुजीब मशाल और हरि कुमार का RSS और उस के कार्यकर्म पर लेख छपा है। उस लेख का विज़ुअल्स अतुल लोक ने दिया है जिस में तीन विडियो हैं और 15 तस्वीर है।उस में बाबरी मस्जिद की 6 दिसंबर 1992 की तस्वीर भी है जिस को भारत रत्न नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री कार्यकाल में शहीद किया गया था।
इस लेख के शुरू में लिखा है कि पूरे साल, रिपोर्टर्स मुजीब मशाल और हरि कुमार तथा अतुल लोक ने संघ के सौवीं सालगिरह (RSS@100) की तैयारी में लगे ग्रुप लीडर्स से बात की, इसके कॉन्क्लेव में शामिल हुए और संघ के ग्रास-रूट cells का दौरा किया।
यह लेख हम भारतीयों के लिए कोई नई जानकारी नहीं है क्योंकि संघ पंडित नेहरू के समय से ही पूरे भारत में सक्रिय था। संघ 1960 से सरकारी संस्थान, राजनीतिक पार्टी तथा ट्रेड यूनियन मे अपने कार्यकर्ताओं को पहुँचा चुका था जिस का नतीजा जयप्रकाश आंदोलन के रूप में हम लोगों ने देखा है।
कल किसी ने मेरे पोस्ट के कौमेंट में लिखा है कि किसी हिन्दु पत्रकार ने कहा है कि आंदोलन, दंगा-फसाद, हिन्दु-मुस्लिम मार-काट से भारत की $12 trillion GDP जल कर राख हो गया।
अंतरराष्ट्रीय अख़बार में छपे इस लेख का सब से बुरा असर भारत में भविष्य में कोई Foreign Direct Investment (FDI) या शेयर बाज़ार मे Portfolio Investment विदेशियों द्वारा नहीं होगा।
इस लेख का दूसरा ख़राब असर यह पड़े गा कि जो मल्टी नेशनल कम्पनियॉ जैसे Microsoft, Amazon वगैरह भारत में अपना Back Office बनाना चाहते हैं, वह अब भारतीयों पर कड़ी नज़र रखे गें।
तीसरी सब से ख़राब असर लम्बे अवधि में “प्रवासी भारतीयों” पर पड़े गा जो विदेश मे मल्टी नेशनल कम्पनी में काम करते हैं।
भारतीय मज़दूरी पर भी इस लेख का नेगेटिव प्रभाव पड़े गा जो अरब देशों में या अफ्रिका में सुडान में गन्ना के खेत में काम करने या खाद्यान्न मे काम करने जाते हैं और पैसा कमा कर भारत को विदेशी मु्द्रा भेजते हैं।
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Some comments on the Post
Muhammad Sajid Ali Osman कल एक क्लिप देखी हिन्दू समुदाय के एक शख़्स की. वो मुस्लिम लड़कों को किडनैप करके उन्हें तड़पाने की बात कर रहा है. कि उन्हें एक दम से मत मारो, उन्हें किडनैप करो. और ज़र्रा ज़र्रा तड़पाओ. तड़पाने के तरीके भी बता रहा है.
कहना ये चाहता हूं कि आम हिन्दू जन की अक्सरियत के दिल ओ दिमाग़ में मुसलमानों के खिलाफ इतनी नफ़रत पैदा हो चुकी है जिसे निकाला नहीं जा सकता. अभी गाज़ियाबाद में तलवार बांटी गई. ठीक है तलवार हथियार बांटने वाले गलत है लेकिन जो ले रहे हैं???उनका क्या??? कोई मुस्लिम मेरे घर तलवार बांटने आये, तो मैं क्यूं लूंगा भला लेकिन जो आम हिन्दू जन तलवार ले रहे है?
पूरे कुंवे में भांग घुली पड़ी है.
Asghar Ali Khan अरशद मदनी साहब भी बयान दिए हैं कि बांग्लादेश में माबलिंचिंग पर प्रोटेस्ट कर रहे हैं भारत सरकार का भी बयान आया है । बंगलादेश में माबलिंचिंग बहुत निंदनीय घटना हुई है। भारत में प्रोटेस्ट और भारत सरकार का बयान अच्छी बात है लेकिन भारत में माबलिंचिंग पर प्रोटेस्ट और भारत सरकार द्वारा कोई कार्रवाई बयान क्यों नहीं आया, ऐसा दोहरा मयार क्यों ?
अब धीरे धीरे लोग भारत सरकार के दोहरे मापदंड पर बोलना शुरू किए हैं ।
