The Post of 30 January 2026

1948 और WWII के बाद कि दुनिया बदल गई है। भारत में संघ, नेताओं, बुद्धिजीवियों और पत्रकारों आदि इत्यादि को अपनी पिछले चालिस साल के अंधे दिल मे रौशनी लानी होगी।

*भारत को हिन्दू-मुसलमान, मंदिर-मस्जिद, मुग़ल का नाम-पता बदलना या मुस्लिम की चूड़ी टाइट कर GDP जलाना बंद करना होगा क्योंकि द्वितीय विश्वयुद्ध (WWII) के बाद की दुनिया बदल चूकी है।चीन एक सैन्य महाशक्ति और एशिया के अरब और मुस्लिम देश आर्थिक महाशक्ति बन पर दुनिया की राजनीति पर अपनी पकड़ बना चूके हैं।

*पाकिस्तान-सऊदी अरब की strategic partnership को भारत के बुद्धिजीवी हल्के में न लें। कहा जा रहा है कि तुर्की के अरदोगान इसी तरह का तुर्की-सऊदी अरब और तुर्की-मिस्र समझौता अपने 3-4 फ़रवरी के दौरा पर सऊदी अरब और मिस्र के साथ करने वाले हैं।

*आज की खबर है कि सीरिया और कुर्द के बीच शांति समझौता पचास साल बाद हो गया है। पिछले सौ साल में पहली बार तुर्की अपने मलेटरी फाइटर जेट (F16) सोमालिया भेज रहा है जो आतंकी संगठन “अल-शबाब” पर बम्बारी कर उन को नष्ट करे गा यानि एशिया के बाद अफ्रिका मे भी तुर्की पहुँच गया।

*WWII और 1948 का ट्रेड कोरिडोर जो यूरोप-अमेरिका था वह अब खत्म हो चुका है और नया ट्रेड कोरिडोर “एशिया-टू-एशिया” हो गया है जहॉ ASEAN, APEC है जिस मे चीन आर्थिक और सैन्य महाशक्ति के रूप मे मौजूद है मगर भारत कहीं नहीं है।

दूसरा “एशिया-मिडिल ईस्ट” कोरिडोर है जिस मे मुस्लिम संगठन GCC या OIC है, इस में भी भारत मौजूद नहीं है।

#NOTE:अब समय कम है, भारत के संगठन RSS, देश के कथित शुभचिंतक नेता, बुद्धिजीवी और पत्रकारों को अपना चाल-चरित्र और सोंच बदलना होगा वरना 140 करोड़ की दो नस्ल दुनिया मे मज़दूरी ही करती रह जाये गी।