The Post of 20 September 2025
कल ट्रम्प ने H-1B वीज़ा शुल्क $1500 प्रति वर्ष से बढ़ा कर $100,000 कर दिया यानी 12500 से बढ़ा कर 80,00,000 लाख रूपया प्रति वर्ष कर दिया।H-1B वीज़ा 3-6 साल के लिय मिलता है। इस घोषणा के बाद, कल अमेरिका में Cognizant Technology और भारतीय कम्पनी Wipro का शेयर 5% और Infosys का 2% गिर कर बंद हुआ।
वीज़ा शुल्क आज शनिवार से लागू होगा।ट्रम्प की नई नीति के एक दिन की समय-सीमा ने दुनिया भर के व्यवसायों, पेशेवरों और छात्रों के लिए काफी अनिश्चितता पैदा कर दीया है।
अमेरिकी सरकार हर वर्ष 65,000 H-1B वीज़ा विदेशी मज़दूरों और 20,000 उच्च शिक्षित विदेशी नागरिकों के लिए इश्यू करता है।इस वर्ष 2025 मे अब तक Amazon को 12,000 और Microsoft को 5,000 H-1B वीज़ा ट्रम्प सरकार ने इश्यू किया है।
अमेरिका में H-1B वीज़ा पर 71% भारतीय और 11.7% चीन के नागरिक काम करते हैं, बाक़ी 17.3% वीज़ा का पूरे दुनिया के नागरिक फ़ायदा उठाते हैं।माईक्रोसोफ्ट और अमेज़न ने अपने स्टाफ़ जो H-1B वीज़ा पर बाहर हैं उन सब को आज शनिवार रात तक अमेरिका वापिस आने को कहा है।
भारतीय आईटी संस्था Nasscom ने कहा है कि ट्रम्प के इस नीति के अचानक लागू होने से भारतीय $283 billion आईटी बिज़नेस तथा भारतीय नागरिक प्रभावित होंगे।
#NOTE: ट्रम्प के इस नई नीति से भारतीय रोजगार बाजारों पर “लहरदार प्रभाव” (ripple effects) पड़ेगा तथा IT services companies की चल रही Onshore Projects को निरंतर परेशानी और घाटा होगा।
