The Post of 21 February 2026
मेरा दो दिन पहले का पोस्ट जिस में हम न लिखा था कि संघ प्रमुख मोहन जी आप ने “भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिन्दू हैं, वह कोई अरब से नहीं आये हैं” कह कर “भानुमति का पिटारा” जो हज़ारों साल से बंद था वह खोल दिया।
मेरे पोस्ट के बाद, वह पिटारा खुल गया और उत्तर प्रदेश के गौड़ ब्राह्मण पंडित अखिल स्वामी ने भानुमति के पिटारा का संज्ञान ले लिया और पहली बार किसी ब्राह्मण ने मोहन भागवत को चित्पावन ब्राह्मण और पंडित भी कहा और अपने को उत्तर भारत का गौड़ ब्राह्मण कह कर संबोधित किया।
पंडित अखिल जी, जो अरब से आये और वहॉ के देवी-देवता लाये वह कह रहे हैं कि हम सनातनी है और इस धर्म में बहुत त्रुटि हैं जिस के कारण नया धर्म आया।आज यह ब्राह्मण भी सच्चाई बोल गये (नीचे अखिल जी के विडियो का कुछ अंश ज़रूर सूनये).
पंडित अखिल जी ने कहा “कौन हनुमान चालीसा पढ़ता है या कौन नेमाज़ पढ़ता है” इस से पंडित मोहन भागवत को कोई सरोकार नहीं होना चाहिये।बंदर को तो हज़ारों हज़ार वर्ष पहले सुडान और मिस्र के लोग पूजते थे। हनुमान चालीसा भी मिस्र और सूडान से आया हो गा मगर यह तो संघ के शोध का विषय है।
#NOTE: पहली बार मोहन भागवत ने अरब का नाम लिया है, अब यह बोल कर फंस गये, क्योंकि मिस्र के भगवान देवी, देवताओं का मुंह जानवर का और शरीर स्त्री या पुरुष का होता था जबकि अरब के देवी, देवताओं का मुंह और शरीर दोनों स्त्री या पुरूष का होता था।
मेरा दावा है कि प्राचीन सभ्यता मिस्र और अरब के भगवान, देवी, देवताओं के मूर्ती का अंतर चित्पावनी ब्राह्मण और उत्तर भारत के ब्राह्मणों के अलावा कोई पिछड़ा या दलित हिन्दू यह अंतर जानता होगा।यही डर के कारण है कि उत्तर भारत के पंडित अखिल स्वामी ने संज्ञान ले लिया और बोलने लगे कि भारत में कोई हिन्दू तलवार के ज़ोर पर मुस्लिम नहीं हुआ बल्कि हिन्दू धर्म के त्रुटियों के कारण अरब का मुस्लिम घर्म अपना लिया।

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