The Post of 15 September 2025
क़तर की राजधानी दोहा में अरब और मुस्लिम देशों के प्रेसिडेंट और लीडरों का दो दिन का समिट हो रहा है जिस में तुर्कमेनिस्तान, सुडान, बांग्लादेश, मालदीव और जिबूती के प्रेसिडेंट भी शामिल हैं।जो लोग पिछले चार दिन में क़तर आ चुके थे वह लोग नज़र नहीं आये जैसे यूएई के अमीर या इंडोनेशिया के प्रेसिडेंट नहीं थे।
*क़तर के अमीर ने इसराइल को टेरोरिस्ट और जेनोसाईडल हकूमत कहा है।यह पहली बार दुनिया के किसी हेड ऑफ दी स्टेट ने इन लव्ज़ो से बोला होगा।अमीर तमीम ने कहा जब भी समझौता के क़रीब हम लोग पहुँचें तो इसराइल हकूमत ने उस को sabotage कर दिया, वह नही चाहता है कि इस खित्ते में अमन हो।अमीर ने कहा अक्टूबर 2023 के बाद इसराइल ने मिडिल ईस्ट के सात मूल्को पर बमबारी किया है मगर दुनिया चुप है।
*इराक़ के प्रेसिडेंट शिया अल सूडानी ने चार चीज़ करने को कहा जिस में एक सभी मुस्लिम देशों को पैसा से मद्द करने को कहा और दूसरा Joint defence force बनाने को कहा ताकि इस जारिहत से सब को नजात मिले।
*तुर्की के प्रेसिडेंट अरदोगान ने कहा वह इस जारिहत को ख़त्म करने के लिए अपने defence और armaments से साझा मद्द करने को तैयार हैं।
#Note: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री समिट में मौजूद थे और इस समिट को historical occasion कहा। ब्लूमबर्ग टीवी ने आज कहा है कि पाकिस्तान के प्रेसिडेंट ज़रदारी चीन के दौरा पर हैं।आज ज़रदारी ने चीन के डिफ़ेन्स फ़ैक्ट्री का दौरा किया और पाकिस्तान में JC10, J27 और Stealth fifth generation फाइटर जहाज़ बनाने के समझौता पर दस्तख़त करें गें।
=============
Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman आ गया declaration GCC के सभी मूल्क अपने Unified Military Command बनाये गें। हो गया शुरुआत NATO की तरह फौज बनाने का जिस मे अब देखना है ट्रम्प क्या बोलते हैं कल अपने इंग्लैण्ड के यात्रा मे।
- Abdul Bari, Mohammed Seemab Zaman जिन चीजों मे वक्त लगता इन लोगों की हरकतों ने उनमें कैटलिस्ट का काम कर दिया. वैसे बीवी को पूरी कोशिश है किसी भी तरह गल्फ को इस जंग में खींचने की ।
Hisamuddin Khan सब कुछ अच्छा लगा मोहतरम मगर दो अहम पहलू पर बात नही हुई
Economic boycott
Diplomatic isolation
जिन देशों के राजनयिक सम्बन्ध है या जो बिना सम्बन्ध के भी तिजारती लेन देन करते हैं उनको तो रोकना बहुत जरूरी था। रही GCC की ज्वाइंट फोर्स तो च पिद्दी च पिद्दी का शोरबा। इस्राइल के लिये वोह कभी चैलेंज बन ही नहीं सकते। दुखद सत्य यह कि मै किसी तरह भी इस कान्फ्रेंस से मुतमईन नहीं।
माजरत चाहता हूं अगर मेरे किसी जुमले से तकलीफ पहुची हो क्योन्कि मै आपकी बहुत इज्जत करता और वोह अपनी जगह कायम ओ दायम रहेगी इनशा अल्लाह।
Anish Akhtar कतर के अमीर का स्टेटमेंट ओर UN में पाकिस्तान के इंवॉय का इजरायल के इंवॉय को जवाब बहुत कुछ बयान तो करते हैं लेकिन अब बयानियो पर विश्वास करना मुश्किल होता जा रहा है.
Murtaza Khan आप के पास पैसा है और पैसे की ताकत भी है। इन्हीं पैसों से आपने अमेरिका और यूरोप से हथियार खरीद कर उन्हें मालामाल किया है लेकिन ये हथियार आपके किसी काम के नहीं, क्योंकि आप उनसे अगर लड़ना भी चाहते हैं तो उन्हीं के बनाए हथियारों से। आप कभी भी उन्हीं के बनाये हथियारों से उन पर विजय नहीं पा सकते। उन्हें हराने के लिए या उनके जुल्म से निजात पाने के लिए , आपको उनसे बेहतर हथियार बनाने होंगे, और इसके लिए आपको फिजिक्स , गणित और केमिस्ट्री का अध्ययन करना होगा, साथ ही रिसर्च भी करना होगा। बड़ी बड़ी laborateries क़ायम करना होगा और साइंस से मोहब्बत करनी होगी। साइंस से नफ़रत करके क्या मिला मुसलमानों को, लगातार हार पे हार, पिछले पांच सौ सालों से तो पिट रहे हो। चमत्कार विज्ञान और गणित की पढ़ाई से दिखा पाओगे न कि तकरीरों और जलसों से। सच बहुत कड़ुवा होता है आसानी से हज़म नहीं होता है।
1. “निस्संदेह अल्लाह किसी समुदाय की स्थिति नहीं बदलता जब तक वे अपने आप में परिवर्तन नहीं करते।” (कुरान 13:11)
2. “निस्संदेह अल्लाह उन लोगों की मदद करता है जो अपनी मदद खुद करते हैं।” (कुरान)
- Arif Kamal, Murtaza Khan saahab जब कोई सभ्यता पिछड़ जाती है तो लोग उसको उठने नहीं देते ।चाइना ने कभी विज्ञान को नहीं नकारा लेकिन दो सौ साल तक पिटा क्योकि वेस्ट ने मौक़ा नहीं दिया ।टैलेंट था वक्त साथ नहीं दिया ।अब इसी तरह मुस्लिम मुल्कों का भी हाल है । अभी एलायंसेस बना का ख़ुद को बचा ले गए तो विज्ञान में भी आगे बढ़ेंगे और हथियारों में भी ।
Faisal Mohammad Ali But why UAE is saying no to military response Cha? What is the story?
- Mohammed Seemab Zaman They know that Israel wants the war on larger scale to get full Western support. That is why, UAE is saying no to military action. They may start withdrawing money from US incrementally like 10% or 15% annually, but the oil embargo will be the last act.
Abdullah Haroon सर जिस तरह से इमरान खान ने Absolutely not कहा था और उसके बाद उनके साथ जो हुआ वह बड़ा दुखद है शेख तमीम ने वहीं से बात को आगे बढ़ाया है लेकिन हम सब जानते हैं मिडिल जिसके पास फौजी ताकत नहीं है और पाकिस्तान की फौजी ताकत है तो उनका कोई भरोसा नहीं है मैं यह समझता हूं कि अगर आज इमरान खान बाहर होते हैं तो सभी मुस्लिम नेताओं को साथ लेकर इस तरह बात करते जिस तरह उन्होंने यूएनओ में कही थी सर क्या इमरान खान के बाहर आने की जरूरत महसूस नहीं हो रही
- Mohammed Seemab Zaman इमरान खान ऐसे बहुत मुस्लिम लीडर गुज़र चूके हैं।हुआ वह काम कर चूके और उमर भी हो गई है।
Sanjay Nagtilak इज्राईल, अमेरिका और युरोप द्वारा अरब पर हमला होने के बाद ईराण को छोडकर एक भी अरब देश ने पलटवार नहीं किया. अरब कंट्री इज्राईल और अमेरिका विरोध भी कैसे करेंगे? अरब कंट्री में घुसने के लिये वही के राजा और बादशहा परमिशन दिया, अब उनके पास जो हथियार हैं, उसमें से 90% हथियार अमेरिका, युरोप के हैं।
- Mohammed Seemab Zaman देखये international politics मे भारतीय राजनीति के तरह “Talaq-Halala-Marriage” नहीं होता है। International politics मे Separation होता है ताकि future मे engagement का scope बना रहे।
Mohammed Seemab Zaman इस पर जो हम ने #सात मूल्को पर बमबारी जो लिखा है, मगर मारा तो बम से इसराइल ने अब तक 6 अरब मुल्कों को है, 7 वॉ मुल्क पाकिस्तान है, जहॉ पख़्तून आज़ादी माँग रहे हैं और रोज़ फ़ौज को मार रहे हैं, कहा जाता है कि इसराइल है। आज सऊदी अरब-पाकिस्तान defence pact में इस का भी back ground है। कम लिखा है ज़्यादा समझिये।
Ashafaque Alam इतनी बात हुई लेकिन इजरायल से ट्रेड बंद करने को बात किसी भी देश के राष्ट्रध्यक्ष ने नहीं की. इजरायल को तुरंत घुटने पर लाने का सबसे बेहतर उपाय हो सकता है
- Mohammed Seemab Zaman मलेशिया के अनवर इब्राहिम ने यह कहा है। उन्होंने अंग्रेज़ी में स्पीच दिया है, आप सून सकते हैं।
Kamil Khan
रहीमन धागा प्रेम मत तोरो चटकाए
जोरे फिर न जुरे,, जुरे तो गांठ पड़ जाए
अब अमेरिका से वो पहले वाले संबंध अब कभी नहीं बन पाएंगे,
