Post of 7th February 2026
बचपन में कहानी सुनते थे कि एक बार पाकिस्तान के सदर अय्यूब खान अपने वज़ीर भुट्टो और दूसरे फौजी जेनरल के साथ एक मेला में गये जहॉ “दिमाग़” भी बिकता था।
अय्यूब खान बहुत ख़ुश होकर दुकानदार से पूछा यह दिमाग़ कैसे किलो है।दुकानदार ने जवाब दिया यह सैयद का दिमाग़ है, 10 रूपया किलो। दूसरा पूछा तो बोला 30 रुपया किलो शेख़ का दिमाग़ है।तीसरा पूछा तो दुकानदार ने कहा 50 रूपया का 100 ग्राम है।
अय्यूब खान ने ताज्जुब से पूछा सब किलो में बेच रहे हो मगर यह तीसरा ग्राम में इतना मंहगा क्यों? दुकानदार ने जवाब दिया यह पठान का है।अय्यूब खान ने भुट्टो और दिगर जेनेरल के तरफ़ देख कर कहा देखो पठान का दिमाग़ सब से मंहगा है।
उस पर दुकानदार ने जवााब दिया मालिक जान की सलामती हो तो एक बात कहें, सौ पठान की खोपड़ी तोड़ा तो यही 100 ग्राम निकला मगर सैयद की एक खोपड़ी में से एक किलो निकल जाता है और शेख की एक खोपड़ी से 500 ग्राम निकल जाता है।अय्यूब खान जवाब सून कर चुप चाप मेला से लोट गये।
==========
यही कहानी कल ट्रम्प के साथ New York के MAGA मेला में हुआ।ट्रम्प कल उप-राष्ट्रपति जे डी वान्स और विदेश मंत्री रूबियो के साथ जब MAGA मेला देखने गये तो वहॉ एक दुकानदार दिमाग़ बेच रहा था (निचे The Economist, London की तस्वीर देखें, जिस मे कहानी कुछ अय्यूब खान की तरह है)
ट्रम्प ने कहा पहला वाला “M” का क्या दाम है, दुकानदार ने कहा $10 per Kg, दूसरा “A” $20 per kg, तीसरा “G” $30 per kg और आखरी वाला “A” $1000 per kg.
ट्रम्प ने ताज्जुब से पूछा चारों तो MAGA हैं मगर यह फ़र्क़ क्यों? दुकानदार ने कहॉ Boss पहला वाला “M” Mao के चाईनिज़ लोगो का है, दूसरा वाला “A” Arabs का है, तीसरा वाला “G” Greenland के लोगों का है और आखरी वाला “A” America के लोग की खोपड़ी है।आज कल अमेरिका का सौ खोपड़ी फोड़ो तो एक में ही दिमाग़ मिलता है, बाक़ी सब खोपड़ी ख़ाली रहती है।

Leave a Reply