The Post of 25 January 2026 & 2025

पिछले हफ़्ता अबू धाबी के शेख मोहम्मद बिन ज़ायद (MBZ) चंद घंटा के लिए भारत आये थे जिस में उन्होंने $2 billion का गैस HPCL को बेचा और First Abu Dhabi Bank (FAB) का पहला ब्रांच गुजरात के स्मार्ट सिटी में खोलने को रज़ामंद हुऐ।

यहॉ हम लोगों को बताते चले FAB दुनिया के बड़े बैंकों में एक बैंक है जिस की सम्पत्ति (Assets) $376 billion है जो भारत के Tata, Ambani और Adani तीनों के सम्मति से ज़्यादा है।

पिछले साल EmiratesNBD बैंक ने तो भारतीय RBL बैंक $3 billion मे 60% ख़रीद लिया और MBZ के यात्रा के बाद हल्ला है कि IDBI बैंक का भी 60% $7-8 billion में मार्च तक ख़रीद लेगा।

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#कुऑ_का_मेढक (Post of 25 January 2025)

आज ट्रम्प को शपथ लिये पॉच दिन हो गया और उस ने दुबई के DAMAC के शेख हुसैन सजवानी से $20 billion आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के सर्वर और सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने $600 billion अमेरिका मे निवेश की बात कही जिस पर ट्रम्प ने कहा वह सऊदी अरब से $1000 billion निवेश का आग्रह करते हैं।

हम दस साल से लिख रहे हैं कि दुनिया का 2/3rd wealth 380 अरब परिवार के पास है और अमेरिका मे सऊदी अरब का बहुत निवेश है, यहॉ तक की हॉलीवुड मे निवेश है।अगर अमेरिका सऊदी अरब के निवेश को अमेरिका से निकालना चाहेगा तो 20 साल लगे गा।

हमारे उर्दू नाम वाले मेरा पोस्ट पढ़ कर हम को ट्रौल करते हैं कि हम “सऊदी नवाज़ हैं” क्योंकि वह लोग हिन्दी/उर्दु अख़बार और टीवी देख कर दूसरों कि तरह “कुऑ के मेढक” की सोंच को पाल रखा है।

आज जब प्रिंस मोहम्मद $600 billion की बात कह रहे है और ट्रम्प $1 trillion के लिए कह रहे हैं तो उर्दू नाम वालो को समझ मे आ गया होगा कि हम भी बेग़ैर पढे यह सब नही लिखते हैं।हम ने बहुत कुछ अपने ऑंख से “अच्छा या बुरा” देखा है, वह सब तो आज तक हम ने लिखा ही नही है।

कुऑ के मेढक लोग हम को बता सकते हैं कि भारत मे कौन बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का मालिक DAMAC के सजवानी के तरह $20 billion अमेरिका मे निवेश की बात कर सकता है?

हमारे विश्व प्रख्यात दार्शनिक भागवत जी नारा लगाते हैं की हम लोग “विश्वगुरु” बने गें मगर चालिस साल मे पूरी दुनिया मे मज़दूर और लेबर सप्लाई किया जो अब अमेरिका मे घुसपैठिए कहे जा रहे हैं।

भारत के बुद्धिजीवी स्वामी जी, दुबे जी, त्रिवेदी जी, शर्मा जी, वर्मा जी वग़ैरह सब लोग कह रहे थे कि अमेरिका और यूरोप हम को “विश्वगुरु” बना देगा मगर उन को पता नही था कि पश्चिमी देशों के पास पैसा नही है।भारत तो छोड़िये, पिछले दस साल में मिडिल ईस्ट के लोगों ने यूरोप और अमेरिका मे निवेश नही किया है।

उर्दु नाम वाले यह जान ले, अब सऊदी अरब या यूएई पश्चिमी देशों मे निवेश पर शर्त रख रहा है कि हम को पार्टनर बनाओ। चीन मे भी वह पार्टनरशिप पर इंवेस्टमेंट कर रहा है। इंग्लैंड मे निवेश मे प्रिंस ने फाईटर जेट जो फ्रांस-जापान-इंग्लैंड बना रहा है, उस में पार्टनर बाने का शर्त लगाया है जिस की वजह कर इंग्लैंड मे निवेश नही कर रहा है।

उर्दु नाम वाले यह जान लें ट्रम्प के एआई (AI) मे निवेश मे भी सऊदी और दुबई पार्टनर बने गा।अब सऊदी अरब किसी भी मुल्क मे बिना शर्त (condition) के investment नही करता है चाहे वह पाकिस्तान या मिस्र ही क्यों न हो।

उर्दु नाम वालो, आइंदा मेरे पोस्ट को पढ़ कर याद रखिये गा, उस को तफ़रीहन नही पढ़िये गा।