“मुग़ल सल्तनत आज भी सल्तनतें बनाने और बिगाड़ने की क़ुव्वत रखती हैं” (The Post of 8th January 2026)

आज़ादी के बाद, बहुसंख्यक समाज दंगा-फ़साद और मुग़ल के नाम-पता को मिटाने को #देशभक्ति की परिभाषा समझती रही और $12 trillion नेशनल ग्रौस प्रोडक्ट (NGP) को जला दिया।

अब 2026 में बहुसंख्यक समाज के नेताओं, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों तथा विशेष कर आदरणीय संघ प्रमुख को #देशभक्ति की एक नई #परिभाषा लिखनी हो गी।

#NOTE: दूसरे विश्वयुद्ध के बाद की बदली दुनिया पर राष्ट्रपति ट्रम्प ने मुहर लगा दिया, जिस में भारत कहीं पर नहीं है। अब, आदरणीय संघ प्रमुख को अल्पसंख्यक तिरस्कार को देशभक्ति के परिभाषा को बदलना होगा क्योंकि “मुग़ल सल्तनत आज भी सल्तनतें बनाने और बिगाड़ने की क़ुव्वत रखती हैं”, जय हिन्द.
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Some comments on the Post

Mohammed Seemab Zaman यह बहुत छोटा पोस्ट लिखा है जिस में हम ने बहुत कुछ खुल कर नहीं लिखा है। बहुत जल्द लोगों को मेरा पोस्ट समझ में आ जाये गा।

  • लोकेश सलारपुरी, Mohammed Seemab Zaman इतना भी मत डराओ साहब ! यद्यपि हालात इससे भी बुरे हो सकते हैं
  • Mohammed Seemab Zaman, लोकेश सलारपुरी साहेब, हालात बहुत बुरे हैं, जिस का अंदाज़ा आम लोगों को नहीं है क्योंकि यह 140 करोड़ का देश है, नदी-नाला, उपजाऊ ज़मीन, डाक्टर-हकीम, मोबाईल की अर्थव्यवस्था, अरब देशों में काम करने वाले मज़दूरों के भेजे foreign exchange से मुल्क चल रहा है और चलता रहे गा, मगर ……..

Jamshed Jamshed, Mohammed Seemab Zaman भाईजान… अब तक जो आप जो लिख रहे थे उसके बारे में इन सब बन्द दिमाग़ों ने सोचा था कि सिर्फ़ थ्योरी क्लासेज़ चल रही हैं…प्रैक्टिकल क्लासेज़ भी होनी हैं…ये बात इनकी खोपड़ी में घुस ही नहीं रही थी…बेचारे बहुत बुरे फँस चुके हैं… असल में इसको साइकोलॉजी में Escalation of commitment(एस्केलेशन ऑफ़ कमिटमेंट) कहते हैं…कि अगर किसी चीज़ पर अपना सब कुछ इन्वेस्ट कर दिया हो तो फिर उसके बाद इन्सान पीछे नहीं हटना चाहता…जबकि वो पूरी तरह समझ चुका होता है कि वो ग़लत रास्ते पर है…

  • Mohammed Seemab Zaman आप ने पिछले महीना “मुग़ल सल्तनत आज भी सल्तनतें बनाने और बिगाड़ने की क़ुव्वत रखती हैं” लिख कर हमारे पिछले सारे पोस्ट का conclusion लिख दिया।
    शुक्रिया, आप के इस जुमला ने हम को आज का पोस्ट लिखवा दिया कि अब “देशभक्ति की परिभाषा” बदलनी होंगी। हम ने अपने circle में आप के इस कौमेंट को बहुत कोट किया है, और यह जुमला बन्द दिमाग़ की खोपड़ी में आसानी से घुस जाये गा क्योंकि इस साल सात दिन मे ट्रम्प ने बदली दुनिया पर “stamp” लगा दिया।
    अभी तो बहुत कुछ होना बाक़ी है, सब्र किजये।
  • Jamshed Jamshed, Mohammed Seemab Zaman भाईजान…बहुत शुक्रिया…ये आपका बड़प्पन है…अल्लाह आपको हर ।महाज़ पर सर बुलन्द रखे…

Muhammad Sajid Ali Osman आपकी वही बात सभी को जेहन में रखनी चाहिए और उसी के मुताबिक़ आमाल करने चाहिए (कि हिंद की जिम्मेदारी बहुसंख्यक समाज के ऊपर ही है. अल्पसंख्यक यानी मुस्लिम ख़ुद की क़ौम पर ध्यान दे.)