Post of 29 September 2025
*अब लोगों को मेरी बात पर यक़ीन हो रहा हो गा कि 1876 के बाद की दुनिया बदल गई है क्योंकि आज ट्रम्प ने व्हाइट हाऊस मे नेतनयाहु को बैठा कर क़तर के प्रधानमंत्री को फ़ोन लगाया और नेतनयाहु को कहा कि क़तर से 9/9 के लिए माफ़ी मांगो।
नेतनयाहु ने क़तर पर Qatarstrophic हमला के लिए प्रधानमंत्री से माफ़ी माँगी और कहा आईंदा दोबारा ऐसी ग़लती हम नहीं करें गें।
*मेरा पोस्ट लोगों को याद होगा जिस में हम ने लिखा था, “ARAB STATES WANT DONALD TRUMP TO CHOOSE: THEM OR ISRAEL”
उस पोस्ट के आख़िर में लिखा था, #NOTE: कल जो क़तर में हुआ, वह 1876 के बाद की बदली दुनिया का एक “Historical Event” था जैसे 1973 का अरब-इसराइल जंग।
राष्ट्रपति ट्रम्प के Double Messages से “अमेरिका ग्रेट अगेन” नहीं बने गा।अब ट्रम्प को अमेरिका को टूटने से बचाने के लिए इसराइल और मिडिल ईस्ट में से मिडिल ईस्ट को चुनना होगा।
اے موجِ دجلہ تو بھی پہجانتی ہے ہم کو
اب تک ہے تیرا دریا افسانہ خواں ہمارا
“ऐ मोज दजला तु भी पहचानती है हम को
अब तक है तेरा दरिया अफ़साना खॉ हमारा”
#Note: कपड़े से लोगों को पहचाने वाले, आज के वाक्या को याद रखें और जितना जल्द दिल में रोशनी ले आये उतना देश का भला होगा, वरना दुनिया भूल जाये गी।
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Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman अभी मार-काट नहीं बंद होगा। यूक्रेन और इसराइल की ज़ंग पश्चिमी देशों के लिए Catastrophic हो गया है क्योंकि चीन जिस की आबादी 140 करोड़ है वह Economic and Military Power हो गया है।चीन ने आज कहा है कि वह ट्रम्प को Taiwan Independence को पब्लिक में इंकार करना होगा तब अक्टूबर में शी जिनपिंग ट्रम्प से मिलें गें वरना नही।देखये क्या होता है?
Kamil Khan ग़ज़ा में हमास जो जंग लड़ रहा है असल में उसके अघोषित मददगार अरब और तुर्की ही है, और नितन याहू दो साल में ग़ज़ा पे क़ाबू न कर सका और न ही अपने क़ैदी छुड़ा पाया, इन सब बातों से चिढ़ कर, इजराइल ने ट्रम्प की इजाज़त ले कर क़तर पे हमला कर के अरबों को डराने की कोशिश की, पर ये सब इजराइल की बहुत बड़ी गलती साबित हुई, और अमेरिका को अपनी ज़मीन खिसकती हुई नज़र आने लगी, इसी वजह से इजराइल को माफ़ी की जिल्लत उठाने को मजबूर किया गया, देखा जाए तो ये अरबों की कूटनीति की बड़ी जीत है, बाकी मुझे इस सब से फ़िल्हाल ग़ज़ा वालों को कोई राहत मिलती नज़र नहीं आ रही है, अभी फिलास्तीन के लोगों को जंग जीतने के लिए साबित क़दम रहना होगा, जीत इंशा अल्लाह फिलास्तीन का मुक़द्दर होगी,
- Mohammed Seemab Zaman, Kamil Khan साहेब, यह माफ़ी इस ने नहीं अमेरिका ने माँगी है। लोग को यह समझ में ही नहीं आ रहा।
Arif Kamal सर ये 21 पॉइंट समझौता क्या है ?इसके क्या इम्प्लिकेशंस होंगे अगर हो जाता है तो ?
- Mohammed Seemab Zaman, Arif Kamal साहेब, आप क्यों अपना वक्त बर्बाद कर रहे हैं यह 21 point agenda पढ़ कर। यह सब Face savings agenda of the Western Powers है। इस से ग़ाज़ा में लोगों को साँस लेने की मोहलत मिले गी, बस इस से ज़्यादा कुछ नहीं है। यह जंग बेगैर फ़ैसला के ख़त्म नहीं होगी।
Khursheeid Ahmad शानदार पोस्ट है, कुछ लोग कह रहे हैं कि मक्कारी में माफी मांगा है लेकिन वह यह नहीं सोचते हैं कि इस मक्कारी की भी जरूरत क्यों पड़ी, मक्कारी करने पर मजबूर होना भी कोई कम बात नहीं है
- Mohammed Seemab Zaman, Khursheeid Ahmad साहेब, मेरा सारा पिछला पोस्ट लोग याद रखें। यह मक्कारी हो या ढोंग मगर दुनिया में ऐसे बदले “geopolitics का मक्कारी” पहली बार लोगों ने देखी होगी। यह नेतनयाहु ने माफ़ी नहीं माँगी है, यह ट्रम्प ने माफ़ी माँगी है। नेतनयाहु कौन है? यह अमेरिका का 51 state है।

