4th December 2025
*2011 से बराक ओबामा ने “अरब स्प्रिंग-हिन्दु स्प्रिंग” कर भारत में नई सरकार बनवाई।उस स्प्रिंग के जवाब में पुटिन ने उसी साल मार्च 2014 में यूक्रेन पर हमला कर क्रीमिया (Crimea) को अपने कब्ज़े में ले लिया और बराक अपना मुँह आईना मे दिखते रह गये।
*2014 का रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत और हिन्दु स्प्रिंग, 21वीं सदी की दो यादगार घटनाएँ सौ साल से चली आ रही दुनिया को बदल दिया।भारत में बनी सरकार के प्रधानमंत्री ने यूरोप, चीन, जापान, अमेरिका का दौरा कर आधी दुनिया घूम लिया।हम सब लोग ख़्वाब देखने लगे कि यूरोप और अमेरिका की मल्टी नेशनल कंपनियाँ भारत में अपनी फैक्ट्री लगा कर भारत को चीन की तरह दूसरा विश्वगुरु बना दें गा, मगर आज तक एक मोबाईल मेड़ इन इंडिया भारत में नहीं बन सका।
*2020 के “नमस्ते ट्रम्प” ने अमेरिका के साख को 2021 मे “फॉल आफ़ काबुल” से ख़त्म कर दिया। फॉल आफ़ काबुल के दूसरे साल 2022 मे पुटिन यूरोप में विस्तारवादी हो कर यूरोप पर जंग थोप दिया, जिस का नतीजा अचानक 10/7 (2023) का मार-काट शुरू हुआ।
*10/7 के बाद “अरब स्प्रिंग” का इब्लीस आईएसआईएस ख़त्म हो गया और सीरिया जहॉ दुनिया की 40 सभ्यताएं बहती और बस्ती हैं वहॉ सौ साल बाद एक नई सरकार अहमद अल शराअ के रूप में स्थापित हो गई।इतिहासकार, सीरिया 8 December 2024, न्यू वर्ल्ड आर्डर का एक यादगार दिन लिखे गें।
NOTE: पुटिन का दो दिन का भारत दौरा भारत-रूस संबंधों को फिर से Great Again बनाने का #असफल प्रयास है क्योंकि भारत “हिन्दु स्प्रिंग” के कारण न्यू वर्ल्ड ऑर्डर में अपना कोई विशेष स्थान बनाने में सफल नही रहा है।
“तौहीद की अमानत सीनों में है हमारे
आसॉ नहीं मिटाना नाम व निशॉ हमारा” (इक़बाल)
