The Post of 19 February 2026
संघ प्रमुख मोहन जी आप ने “भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिन्दू हैं, वह कोई अरब से नहीं आये हैं” कह कर “भानुमती का पिटारा” जो हज़ारों साल से बंद था वह खोल दिया। घन्यवाद मोहन भागवत!
मोहन जी आप अपने धाराप्रवाह भाषण शैली मे “वह कोई #अरब से नही आये” बोल कर अपने प्राचीन हिन्दु (सनातन) धर्म के लिए मुसीबतें, परेशानी और उलझनें पैदा कर दिया और भविष्य मे हिन्दुओं को घर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर कर दिया।
मोहन जी आप मुस्लिम के घर वापसी के दावत के पहले आप अपने सनातन धर्म के भगवान, देवी, देवताओं पर शोध किजये।हज़ारों वर्ष पहले जो मिस्र और अरब के भगवान, देवी, देवता थे वह 2000-2500 हज़ार वर्ष पूर्व जब मिस्र और अरब से आप लोग भारत आये तो वहाँ से मिस्र/अरब के भगवान भी साथ ले आये।
मोहन जी आप को पता है कि दुनिया मे इस्लाम आने से पहले सूर्य और शिव मिस्र के प्राचीन 7000-8000 BC से पूजनीय भगवान थे, जब भारत में न कोई शिव या हनूमान भगवान थे और न कोई हिन्दु था।मिसरी भगवान शिव को छोड़ कर मिस्र के सभी दूसरे भगवानों का मूंह जानवर का और शरीर मनुष्य या स्त्री का होता था।मिसरी शिव जी के पत्नी का कहीं कहीं चेहरा शेर का और शरीर स्त्री का प्राचीन मंदिर में आज भी नज़र आता है। बंदर जो सुडान के पूजनीय भगवान थे वह भी मिस्र में पूजे जाते थे।
मोहन जी आप को अच्छी तरह पता है मिसरी भगवान और देवी, देवताओं के विपरीत अरब की देवी, देवता का चेहरा और शरीर दोनों मनुष्य और स्त्री का होता था, जैसे लात, मनात, उज़्ज़ा। आप लोग मे जो अरब से उत्तर भारत आये वह पूजनीय देवी, देवता भी लेकर आये।
अब, आप और आप का संघ शोध किजये किस मिसरी भगवान “रा” (رع) को राम बनाया, किस को गणेश बनाया, किस को हनुमान बनाया, या काली बनाया या किस अरब के देवी को सरस्वती, लक्ष्मी आदि इत्यादि बनाया।
#NOTE: आदरणीय मोहन जी हम नीचे मिस्र के हज़ारों-हज़ार साल पुराने पिरामिड, मंदिरों और म्यूज़ियमों में आज भी नज़र आने वाले प्राचीन भगवान, देवी, देवताओं की तस्वीर दे रहे हैं और आप शोध किजये कि कौन-कौन से भगवान और पूजा पद्धति आप मिस्र से लेकर भारत आये और कौन सी देवी-देवता आप अरब से लेकर आये।
मोहन जी, Artificial Intelligence का सम्मेलन भारत में हो रहा है, आप अपने सनातन धर्म का राज़ हर भारतीयों को सच सच बता दिजये वरना वह AI सच बता देगा कि भारत मे 629 AD में पहले मस्जिद बना उस के बाद 700 AD से हिन्दु मंदिर अजंता या सिद्धार्थ गौतम का मंदिर बोध गया जी में बना और 1250 AD मे ओड़िसा में कोणार्क पहला सूर्य मंदिर बना।

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