Post of 2nd June 2025

ظاہر کی آنکھ سے نہ تماشا کرے کوئ
جو دیکھنا تو دیدہ دل واں کرے کوئی
(حقیقت یہ ھے کی آنکھیں آندھی نہیں ہوتی ‘ وہ دل ھے سینے میں وہ اندھا ھو جاتا ہے)

कल से पंकज श्रीवास्तव का लम्बा चौड़ा लेख या नीचे की तस्वीर के साथ लोगों का पोस्ट FB पर देख रहे हैं।पंकज साहेब ने लम्बा चौड़ा लेख लिखा मगर उस में फिर बर्बादी का “Main Cause” नही लिखा।

हम सब भारतीय जानते हैं कि 1980 नही बल्कि 1990 तक भारत चीन से हर क्षेत्र मे आगे था मगर भारत रत्न नरसिम्हा राव ने 6 दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद बम से उडा कर डर से चीन को अगस्त 1993 मे जमीन लिख कर दिया और LOC को LAC बना दिया, और भारत का नक्शा बदल दिया।

*चीन ने नरसिम्हा राव के LAC वाले उसी काग़ज को अपने UNO website पर भी पोस्ट किया और दुनिया को वह काग़ज़ देखा कर अपने देश मे Foreign Investment लाया।

*चीन ने 1996 मे Olympics 2008 के लिए बिड (Bid) किया और दुनिया चौंक गई। चीन को ओलंपिक २००८ मिला और दुनिया का निवेश चीन जाने लगा।

*2008 Olympics के सफल आयोजन के बाद दुनिया चीन के तरक़्क़ी का क़ायल हो गई और विदेशी निवेश चीन में बड़े पैमाने पर होने लगा। सभी देश चीन से आयात-निर्यात करने लगे और आज चीन दुनिया का आर्थिक और सैन्य शक्ति बन कर अमेरिका के बराबर हो गया।

*15 अगस्त 2021 मे फॉल ऑफ काबुल, 24 फ़रवरी 2022 में रूस का यूक्रेन मे जंग और 7 अक्टूबर 2023 के बाद दुनिया द्वितीय विश्वयुद्ध (WWII) के बाद बदल चूकी है।1886 Berlin Conference के 150 साल बाद दुनिया में New World Order आ गया है।

#NOTE: मेरा सवाल है कि पंकज साहेब या दूसरे बुद्धिजीवी 1992-1993 से कहॉ था? जब ओबामा 2014 में संघ की सरकार बनवाया तो यह लोग कहॉ थे? अब पंकज साहेब का यह सब लिखने का कोई फायदा नही है।

“ज़ाहिर के ऑंख से न तमाशा करे कोई
जो देखना तो दिदह दिल वॉ करे कोई”
(हक़ीक़त यह है कि ऑंखें अंधी नहीं होती, वह दिल है सीने में वह अंधा हो जाता है)
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Some comments on the Post

Mohammed Seemab Zaman नरसिम्हा राव के बाबरी गिराने के blunder को 2020 के कोर्ट के “Divine Judgment” देने वक्त सही किया जा सकता था। कोर्ट सारे सबूत के बाद कहती की बाबरी मस्जिद ग़लत गिराया गया। और फिर हम को यकीन था कि मुस्लिम समाज वहॉ खुद “राम मंदिर” बनवा देता।
मगर यहॉ पर फिर RSS और दूसरे बुद्धिजीवी का अंधा दिल ही फ़ैसला ले लिया।

  • Kamil Khan, इनको मन्दिर नहीं संघ की हुकूमत चाहिए थी,

Talib Hussain Meo Sir मैं आपको कइयों साल से पढ़ रहा हूं, जब आप कहते थे ये अज़ान देंगे दिल कबूल नहीं करता था लेकिन एक उम्मीद भरोसा भी था आपकी बातों पर. Alhamdulillah alhamdulillah आज सब कुछ खुली आंखों से देख रहा हूं ❤️
मैंने आपकी बातों को समझ कर एक दिन अपने चाचा से फिलिस्तीन पर बोल दिया अब फिलिस्तीन यूरोप का मसला है अरबों का नहीं, उसने मुझे बहुत सुनाई अरबों को लेकर 😊
अब चाचा को खुली आंखों से दिख रहा है वाक्केइ यूरोप का मसला है.

Mohammed Seemab Zaman हम बहुत सी बात नही लिखते हैं क्योकि लोग समझ नही पायें गें और हम को ट्रौल करने लगे गें। यह social media है, यहॉ हर तरह के लोग हैं, कहॉ तक हम सब को समझा पायें गें? लोगो को बदलती दुनिया समझ मे ही नही आया, यही वजह है कि लोग अरबों को समझ नही पाये। अब अफ्रीका पर नजर रखिये गा।

Kamil Khan भारत पाक में जो झड़प हुई उसके बाद से पाकिस्तान को दुनिया में जैसा समर्थन और मदद मिल रही, वो देख कर हमारे बुद्धिजीवी चकित हैं, के हम आतंक के नाम पर पाक को अलग थलग करने की मुहिम पे थे पर यहाँ तो हम खुद अकेले खड़े हैं, और कोई देश पाकिस्तान की निंदा भी नहीं कर रहा है.

Aquil Ahmed देश को गर्त में धकेलने में मानसिक रूप से दरिद्र लोगी का योगदान साबसे ज्यादा माना जायेगा जो दशक भर से उन कार्यकलापों को मौन स्वीकृति दे रखी थी जिनके कारण आज स्थित्ति यह है …washington post में छपी आज की ताजा लेख बहुत कुछ कहा है क्यो भारत को अन्यत्रास्ट्रीय समर्थन नही मिल पाया पाकिस्तान प्रकरण पर

May be an image of ‎8 people and ‎text that says "‎आरएसएस की 'रणनीति' ने भारत को चीन से पीछे किया! विचार पंकज श्रीवास्तव 30 MAY, 2025 港 uInL mal KNE र IL للى mni 자비1 عش PTi f X in पंकज श्रीवास्तव‎"‎‎