The Post of 17th September 2025
सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने बुधवार को रियाद में एक संयुक्त रणनीतिक रक्षा (Joint Strategic Defence) समझौते पर हस्ताक्षर किया। समझौते में यह प्रावधान है कि:
*दोनो देश में किसी के विरुद्ध कोई भी आक्रमण दोनों देशों के विरुद्ध आक्रमण माना जाएगा,
*दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के पहलुओं को विकसित करना और किसी भी आक्रमण के विरुद्ध संयुक्त प्रतिरोध को बढ़ाना है।
यह बहुत पुराना समझौता है, फ़र्क़ यह है कि पहले unwritten था मगर इसराइल के क़तर पर बमबारी के बाद बदली दुनिया मे यह written समझौता हो गया।
#NOTE: हम ने अपने पिछले पोस्ट पर लिखा था कि 15 अगस्त 2021 को इमरान खान ने “फ़ॉल आफ़ काबूल” करा कर 1979 के बाद पाकिस्तान को लम्बे जंग से राहत दिया। यह written समझौता उसी का नतीजा है।
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सऊदी अरब और पाकिस्तान का डिफेंस पैक्ट को #सिंदूर लगाने से इस का कोई ताल्लुक़ नहीं है।इस बदली दुनिया में यह समझौता पाकिस्तान के लिए तो अहम है ही मगर अमेरिका के Qatarstrophic Error के बाद इस का टाइमिंग सऊदी अरब के लिए भी बहुत अहम है।
अगर कोई हिन्दी-उर्दू नाम वाला यह समझता है कि यह सिंदूर के वजह कर हुआ है तो वह ग़लत हैं। अरब मुल्क हमेशा सिंदूर को पसंद करते हैं, मगर सिंदूर ख़ुद #माँग/माथा टेढ़ा कर सब कुछ बरबाद कर दिया।
दो दिन पहले पोस्ट पर हम ने #सात मूल्को पर इसराइली बमबारी लिखा था।बहुत लोगों को समझ में नहीं आया होगा क्योंकि बम से तो इसराइल ने अब तक 6 अरब मुल्कों को मारा है मगर 7 वॉ मुल्क पाकिस्तान है, जहॉ ब्लूचिस्तान के आतंक को इसराइल की पुश्तपनाही है।मगर हिन्दु-मुस्लिम के चक्कर मे भारत अपने सर पर यह सेहरा बाँधता है, जो ग़लत है।
सऊदी-पाकिस्तान समझौता में पाकिस्तान के लिए ब्लूचिस्तान आतंकवाद एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि यह चीन को विश्वगुरु बनाये रखने के लिए बलूचिस्तान और उस का ग्वादर बंदरगाह बेल्ट एंड रोड (BRI) व्यापार के लिए बहुत ज़रूरी है।
कूटनीति के लिए “इतिहास-भूगोल” के चुनिंदा याददाश्त की ज़रूरत होती है मगर हमारे आदरणीय विश्व प्रख्यात दार्शनिक और उन के संघठन की सरकार भारत का इतिहास-भूगोल भूल गया और हिन्दु-मुस्लिम नफ़रत फैला कर भारतीय अर्थव्यवस्था को बरबाद कर दिया। कोई निवेश अरब देशों से या यूरोप या अमेरिका से नहीं आया।
#NOTE: आज की खबर है कि मिस्र ने चीन का HQ-9B defence system सीनाई में लगा दिया है।अब तुर्की का Steel Dome और चीन का HQ-9B पाकिस्तान और पूरे अरब देशों में बीके गा, लगे गा और टेस्ट होगा।
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Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman उर्दू नाम वाले कुऑ के मेंढक लोग मेरे पोस्ट की बारीकी को समझ नहीं पाते हैं मगर हम को ट्रौल करते हैं। हम बहुत सी बात खुल कर नहीं लिख सकते हैं क्योंकि यह सोशल मिडिया है, यहॉ लिखना भी नहीं चाहिये। हम ने FB पर अक्सर उर्दु नाम वाले अपने फ्रेंड लिस्ट के दोस्तों को कहा है कि मेरे पोस्ट को पढ़िये और base बनाकर आगे खुद पढ़िये, सब समझ में आ जाये गा।
Anish Akhtar चीनी जनरल बियर गुआंगकाई (Xiong Guangkai) जो चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पूर्व उप-चीफ ऑफ स्टाफ और मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ थे। 1990 के दशक में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा चीन के पाकिस्तान के प्रति अटूट समर्थन पर सवाल उठाए जाने पर, उन्होंने कहा, “पाकिस्तान चीन का इजरायल है।”
Siraj Khan उर्दू नामी जाहिल विद्वान लोग हमेशा पोस्ट करेगे कमेंट करेगे पाकिस्तानी जनरैल, अमरीकी पपेट है वैगैरा वगैरा, पर इन जाहिलो को ये नही मालूम की वहा के जनरैलो ने ही आज तक मुस्लिम दुनिया को बचा रखा है जैसे मुशर्रफ, वरना पाकिस्तकनी नेता विश्वगुरु के नेता की तरह सब बेच डालते, भुट्टो सिर्फ अच्छे नेता थे मेरी नजर में
- Mohammed Seemab Zaman, Siraj Khan साहेब, भुट्टो ने ही शाह फैसल से oil embargo लगवा कर तेल को हथियार बनवाया और यूरोप-अमेरिका 15 साल पीछे हो गया। जिस का नतीजा है कि अमेरिका अपना सारा manufacturing चीन को भेज कर अपने economy को बचाया। मगर चीन के नेताओं ने चीन को सुपर पावर बना दिया।
Shambhu Singh शाहबाज शरीफ़ लो प्रोफाइल नेता है, लेकिन इसकी टाइमिंग जबरदस्त है, आने वाले वक्त में ये पाकिस्तान का सबसे कामयाब प्राइम मिनिस्टर कहलाएगा
- Mohammed Seemab Zaman, Shambhu Singh साहेब, शहबाज़ शरीफ कोई नेता-फेता नहीं है। वहॉ आर्मी सब कुछ है। बहुत सही लिखा, इस की टाइमिंग ज़बरदस्त है। ट्रम्प लंदन में हैं और चीन सुपर पावर हो चूका है। कल चीन ने अमेरिका का Nvidia chips पर बैन लगा दिया, दूसरा शौक ट्रम्प को हुआ।
Jitendra Singh यानि कि पाकिस्तान को सिंदूर लगाना सऊदी को सिंदूर लगाना माना जाएगा। नतीजे में पाकिस्तान और सऊदी इकट्ठे लड़ सकते हैं, और एयर स्पेस बंद कर सकते हैं, व्यापार बंद कर सकते हैं।
- Mohammed Seemab Zaman, Jitendra Singh साहेब, पाकिस्तान के सेंदुर लगाने से इस का कोई link नहीं है। हम ने पोस्ट में लिखा है कि यह unwritten 1989 रूस के टूटने के बाद से था।
- अगर कोई यह समझता है कि यह सेंदुर से हुआ है तो ग़लत है। अरब मुल्क हमेशा सिंदूर को पसंद करते हैं मगर सिंदूर ख़ुद माँग/माथा टेढ़ा कर बहुत कुछ खो दिया।
- दो दिन से सून रहे हैं गडकरी ने कहा कि उन को दुबई बुला रहा है। यह बता रहे हैं कि रोड के लिए नहीं बल्कि हम अरब में भी popular हैं।
Vinay Kumar Singh यह पाकिस्तान के लिए एक अहम कड़ी साबित होगा
- Mohammed Seemab Zaman, Vinay Kumar Singh साहेब, पाकिस्तान के लिए तो अहम है ही मगर यह बदली दुनिया का one of the action है।
