Post on 27 August 2025
Shanghai Cooperation Organisation (SCO) का गठन 2001 में हुआ और इस का सचिवालय चीन में है। अभी इस में दस सदस्य हैं।
आज चीन की टीवी CGTN पर SCO पर एक प्रोग्राम देखा जिस में उस ने चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान और मिस्र के रिसर्च स्कॉलर और प्रोफेसर को बुलाया था।
इस को देख और सुन कर हम को यक़ीन हो गया कि दुनिया बदल गई है और चीन भी बदल गया है।इस डिबेट में एक चाईनिज़ ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान और आर्मीनिया इस के सदस्य बन्ने के इच्छुक हैं।उस ने यह भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के बेगैर एससीओ के सदस्य “चीन-सेंट्रल एशिया-मिडिल ईस्ट” के बीच खुल कर व्यापार नहीं कर सकते हैं।इस वजह कर अफ़ग़ानिस्तान का एससीओ का सदस्य बन्ना ज़रूरी है, अब समय जो लगे।
हाल में, चीन के विदेश मंत्री भारत से लौट कर पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान गये थे। वहॉ उन्होंने अफ़ग़ान सरकार को कहा कि आप के पास लोहा, कॉपर, लिथियम, सोना और तेल है मगर आप उस का फ़ायदा नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान को पाकिस्तान के CPEC से जोड़ने की बात कही।
#NOTE: नीचे विडियो में ग़ौर करने की बात यह है कि; चाईनिज़ टीवी दुनिया के स्कॉलर और शोधकर्ताओं को बुला कर उन की सलाह लेता है मगर हमारे यहॉ टीवी पर जो डिबेट होता है उस में बुड्ढा बुड्ढा शर्मा जी, दूबे जी, स्वामी जी आदि इत्यादि को बुला कर बहस करवाता है, जिन की उम्र “शाल ओढ़ने” की हो गई है।
