Post on 31 August 2025

“लाली मेरे लाल की, जित देखूं तित लाल
लाली देखन मैं गया, मैं भी हो गया लाल”

#संघ के प्रचारक रहे प्रधानमंत्री वाजपेयी के समय से, पिछले 25 वर्षों में भारत का लगभग सारा झुकाव अमेरिका की ओर रहा:

*2001 में अमेरिका ने भारत पर परमाणु हथियार कार्यक्रम के कारण लगाए प्रतिबंध हटा लिए।

* 2005 में अमेरिका परमाणु सहयोग समझौते पर बातचीत शुरू की, जिस पर भारत ने 2008 में हस्ताक्षर किए।

*नौ साल पहले अमेरिका ने भारत को एक “Major Defence Partner” घोषित किया, एक ऐसा दर्जा दिया जो उसे पूर्ण सहयोगी बने बिना ही “advanced defence technologies” अमेरिका से प्राप्त कर सके और चीन को नियंत्रित करने में अमेरिका के साझा नितियों में साथ दे।

#संघ के बारह साल के सराकर के कारण दुनिया का geopolitics और geoeconomics तेज़ी से बदल गया और ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के शुरू के तीन महीना में भारत-अमेरिका के 25 साल के रिश्ते का तलाक़ हो गया।ट्रम्प 2.0 ने तलाक़ की शर्त में 50% टैरिफ़ लगा कर “शाह बानो” फैसला कर दिया।

#संघ सरकार द्वारा 370 हटाने के बाद 2020 में विस्तारवादी चीन से गलवान में झड़प हुआ। झड़पों के बाद संध की सराकर ने चीन के कई निवेश को ठुकरा दिया, चीनी अधिकारियों को विज़ा देना से भी इनकार करने लगा, हवाई सेवा पर असर पड़ा आदि इत्यादि कठोर क़दम लिया गया। फिर भी, इस दौरान भारत द्वारा चीन से आयात में वृद्धि ही हुई और मार्च 2025 तक लगभग $114 billion का सामान खरीदा, जो 2020 की तुलना में लगभग 75% अधिक है।

#ट्रम्प के शाह बानो फ़ैसला (50%) से संघ@100 का माथा घूम गया और चीन में चल रहे SCO के बैठक में भाग लेकर चीन से फिर दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया, जो भविष्य के लिए लाभदायक साबित नहीं होगा।

#NOTE: मेरा मानना है कि अब विस्तारवादी चीन अमेरिका से बड़ा महाशक्ति हो गया है और उस से दुशमनी से बेहतर है कि पाकिस्तान से दोस्ती कर “विज़ा तथा हवाई सेवा” बहाल कर मिडिल इस्ट में अपने को भरोसेमंद साझेदार के रूप में चित्रित करे।

नीचे कुछ तस्वीर चीन के शहर तियनजिन (Tianjin) की है जो हाई (Hai) नदी के दोनों ओर बसा है।भारत में 80 साल में कोई एक ऐसा शहर आजतक नही बना मगर दंगा-नवमी कर मुम्बई को उजाड़ दिया।ग़ौर से हाई नदी के साफ़ पानी और उस के किनारे बने हाई राईज़ बिल्डिंग को देखिये और भारत में गंगा नदी को कानपुर, बनारस, पटना या दूसरे शहर में देखये।अब गंगा मैय्या का नारा लगाना बंद कीजिये बलि्क गंगा में समाधि ले लिजये।