“मुग़ल सल्तनत आज भी सल्तनतें बनाने और बिगाड़ने की क़ुव्वत रखती हैं” (The Post of 8th January 2026) आज़ादी के बाद, बहुसंख्यक समाज दंगा-फ़साद और मुग़ल के नाम-पता को मिटाने को #देशभक्ति की परिभाषा समझती रही और $12 trillion नेशनल… Continue Reading →
Written on 29 March 2025 “भाग ऐसे रहनुमा से जो लगता है ख़िज़्र साजाने ये किस जगह तुझे चक्कर में डाल दे” (कैफ़ भोपाली) संघ पिछले सौ साल में 6 बार फेल किया। वसुधैव कुटुम्बकम का नारा लगाने वाले न… Continue Reading →
Post of 2nd August 2021 हम लोग 130 करोड के लोकतंत्रवादी देश हैं, मगर ओलम्पिक मे इगारहवें दिन तक एक भी स्वर्ण पदक नही आया।हॉकी के पुरूष और महिला के सेमी फ़ाइनल मे पहुँच गये तो सब नेता कामयाबी की… Continue Reading →