Post on 2 November 2025
Parmod Pahwa साहेब का पोस्ट देखा जिस में उन्होंने ने बिहार के चुनाव मे कट्टा या “5K” के प्रचार पर देशवासियों को पंजाब के सिख समुदाय के धर्म मे “पांच के” और पंज ककार को सिखो की अस्मिता का प्रतीक याद दिला कर कहा है कि पंजाबी 6 सौ बरस तक ना गद्दारी भूलते है ना अहसान।
भारत के हिन्दु धर्म और सामाजिक संगठन RSS यह जानते हैं कि गुरू गोबिंद सिंह (1666-1708) ने खालसा पंथ क़ायम किया था जिस मे “पॉच के” सिखों की धार्मिक अस्मिता का प्रतीक बनाया था।
हमारे आदरणीय विश्व प्रख्यात दार्शनिक, संघ प्रमुख डाक्टरी मोहन जी अपना दशहरा भाषण सिख गुरू के बलिदान के नाम से शुरू करते हैं ताकि मुस्लिम दुश्मनी सिख याद रखें, मगर आज इसी संघ के प्रचारक रहे भारतीय प्रधानमंत्री ने सिख धर्म के दसवें गुरू गोबिंद सिंह जिन का जन्म बिहार के पटना में हुआ था उसी बिहार में उन का मज़ाक़ बना कर हवा में उछाल दिया। बहुत खूब, संघ की सौ साल की सोंच अपने उरूज पर आ गई।
*दूसरी खबर आज कहीं देखा की बिहारी यशवंत सिन्हा साहेब जो आईएएस थे, कर्पूरी ठाकुर के सचिव थे, भारत के विदेश और वित्त मंत्री थे वह आज प्रधानमंत्री को “सड़क छाप और अशिक्षित प्रधानमंत्री” कह रहे हैं। जबकि यही यशवंत सिन्हा 2013 मे पहले आदमी थे जिन्होंने इन का नाम प्रधानमंत्री के लिए संघ को सुझाया था।
हम यशवंत सिन्हा को 1978 से जानते हैं, मगर अफ़सोस उस वक्त हुआ जब यह संघ की सरकार में मंत्री बने थे और अपने बेटा को संघ की सरकार में 2014 में मंत्री बनवाया था। क्या सिन्हा साहेब ने संघ के प्रचारक के लाठी पटकने की कला और शिक्षा नहीं देखा था? क्या इन को संघ की सोंच का ज्ञान नहीं था?
NOTE: हम ने 2019 चुनाव में कहा था “Please once more…” यह कह कर कहा था जिस अंधे दिल के लोगों ने देश बर्बाद किया है वही लोग भुगते गा।आज सात साल बाद वही लोग संघ के सरकार को सड़क छाप और अशिक्षित कह रहे हैं।दुआ है यशवंत सिन्हा की लम्बी उम्र हो क्योंकि अभी बहुत कुछ होना बाक़ी है और वह अपने ऑंख से सब बर्बादी देखें।
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Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman यही यशवंत सिन्हा और सुब्रमण्यम स्वामी और दूसरे शर्मा जी वर्मा जी संघ की सराकर बनवाने मे 2014 में आगे आगे थे और आज 12 साल बाद सुबह उठ कर बुरा बोलते हैं।जो हुआ भारत या इन बुद्धिजीवियों को साथ वह सही हुआ वरना इन अंधे दिल वालो के दिल में रौशनी नहीं आती।
- Mohammed Seemab Zaman, Reborn Chandan साहेब अगर ललन सिंह, भूमिहार ने इन के बेटा को मकान दिया तो कोई एहसान नीतीश कुमार पर नहीं किया।नीतीश कुमार के मुख्य मंत्री बनने के बाद अगर कुर्मी समाज के ऐलावा किसी दूसरे समाज को लाभ पहुँचा है तो वह बिहार का “भूमिहार” समाज है। हम सब कुछ 2006 के बाद देखे हुऐ हैं। सारा रोड का contract किस को मिला?
Md Umar Ashraf पटना के मुसलमान नवाब नवाब रहीम बख़्श और करीम बख़्श के बाग में गुरु तेग़ बहादुर जी ने डेरा डाला था,, जहाँ गुरु गोबिंद सिंह महाराज अपने वालिद गुरु तेग़ बहादुर जी से पहली बार मिले थे। बाद में नवाब गुरु तेग़ बहादुर जी वो बाग़ तोहफ़े में दे दिया था। https://youtu.be/UM98y8Gbgnk?si=HRnIgOWphTa3xcu_ .
Maninder Singh Ye apki galatfahami hai ki sikh Muslims se dushmani rakhte hai hamaari kissi se bhi dushmani nahi hai hamaari dushmani atyaachaar karne waale se hai guru gobind singh ji ne 14 junge ladi 13 junge pahadi raajo ke khilaaf thee keval ek mughal saltanat ke khilaaf thee
- Mohammed Seemab Zaman, Maninder Singh साहेब, हो सकता है यह मेरी ग़लत फहमी हो मगर मुस्लिम समाज गुरू नानक जी की बहुत इज़्ज़त करता है, यह आप को भी पता हो गा। हम को पता है गुरू गोबिंद सिंह ने केवल एक जंग लड़ी मुगल के खिलाफ मगर हिन्दु समाज तो उसी को याद करा करा आप को अपने हिन्दु समाज को भटकाता रहता है। मुग़ल ने तो मुस्लिम मजज़ूब, फ़क़ीर को भी कतल किया मगर उस को कोई याद नहीं करता है। इसी पोस्ट पर Md Umar Ashraf साहेब जो पटना साहेब के रहने वाले हैं उन्होंने कौमेंट में लिखा है कि नवाब रहीम बख़्श के बाग़ मे गुरू तेग़ बहादुर ने डेरा डाला था और बाद मे वह बाग़ नवाब साहेब ने गुरू तेग़ बहादुर को तोहफ़ा दे दिया। शायद आज पटना साहेब का गुरू द्वारा उस बाग़ में बना है। यह Please आप confirm किजये।
Maninder Singh Sai miya meer peer budhh shah nabi khan gani khaan baba shekh fareed ka hum bahut aadar karte hai jo bhi touheed mai believe karta hai un sabka aadar karte hai
- Mohammed Seemab Zaman, Maninder Singh साहेब हम जानते हैं आप लोग इन बुजुर्गों की बहुत क़दर करते हैं। मेरा एक पोस्ट है Baba Fareed Gunj Shakar पर आप को याद होगा जिस में हम ने लिखा है कि इन के 112 अशआर गुरू ग्रंथ साहेब में हैं। गुरू ग्रंथ साहेब मे उन का एक चैप्टर है।
Arshad Rashid ये लोग सोचे थे “अपनी” सरकार लाएंगे तो अमेरिका और वेस्ट के जरिय स्वर्णिम काल में विश्वगुरु बन जाएंगे मगर अपना भूगोल इतिहास भूल बैठे, इनके वजह से दुनिया चौक्कनी हो गई और आज अमेरिका ने तलाक़ दे दिया और अब सिन्हा साब समेत तमाम संघी दिल वाले लोगों को किनारे लगा दिया गया तो ये अब इस ऐतिहासिक सरकार को बुरा भला कह रहे हैं.

