The Post of 14 January 2026

हम ने दो दिन पहले डोभाल साहेब के “असहाय” (Helpless) पर पोस्ट में लिखा था कि 1992 में भारत रत्न नरसिम्हा राव ने बाबरी बम से उड़ा कर “हिम्मत” देखाई मगर 8 महीना बाद “असहाय” हो कर चीन जा कर LOC को LAC बना कर भारत का नक़्शा बदल दिया।

कल Parmod Pahwa साहेब ने पोस्ट द्वारा जानकारी दिया कि चीन द्वारा 1963 Shaksgam Valley के भारतीय ज़मीन (5180 sq km) पर क़ब्ज़ा को अपना ज़मीन बता कर अब कश्मीर मे एक नया तीसरा फ़्रंट गलवान और अरूणाचल के तरह खडा कर दिया मगर सब देशभक्त चीन के सामने वैसे ही “असहाय” हैं, जैसे गज़नी लुटेरे या अंग्रेज़ के ग़ुलामी के वक़्त थे।

विश्व प्रख्यात दार्शनिक जॉर्ज सांतायाना ने सौ साल पहले बहुत सही कहा था कि “जो लोग अतीत को याद नहीं कर सकते, वे उसे दोहराने के लिए शापित हैं”.

हमारे बहुसंख्यक समाज के लोग भारत रत्न नरसिम्हा राव के बाबरी ध्वस्त के बाद LOC को LAC बनाने के अतीत को याद नहीं रखा और 35 साल से मुस्लिम के चुडी ही टाइट करने में आनंदमयी होते रहे, तो चीन ने उन्हें शक्सगाम घाटी विवाद ज़िंदा कर भारत रत्न राव का 1993 मे LAC सब को याद दिला दिया, जो हम हमेशा अपने बहुसंख्यक समाज के अंधे दिल वालों को याद दिलाते रहते हैं।

#NOTE: प्रमोद पहवा साहेब के पोस्ट में दिया बाबरी के बाद Line of Actual Control (LAC) का नक़्शा है और कौमेंट मे पाँच साल पुराना 2021 का “सैयद साहेब, शेख, पठान और पोप: एक लघुकथा” वाला पोस्ट है। धैर्य रखिये, चीन बहुसंख्यक समाज के अंधे दिल में निश्चित रौशनी ला देगा फिर #सुंदर_भारत बने गा, जय हिन्द।