The Post of 2nd February 2026
तक़रीबन 35 साल हो गया जब भारत रत्न नरसिम्हा राव ने बाबरी मस्जिद को बम से शहीद कर दिया और अरब मुल्कों ने भारत को subsidised oil आपूर्ति करना बंद कर दिया।
*उस के बाद 1993 से भारत तेल open market से खरीद रहा है।इराक़ पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया तो भारत ने “Oil-for-Food Programme” के नाम पर सस्ता तेल ख़रीदा। कभी ईरान पर प्रतिबंध लगा तो रूपया में ईरान से तेल ख़रीदा।अभी रूस पर प्रतिबंध लगा तो रूस से अपनी ज़रूरत का 30% सस्ता तेल ख़रीदा।
यानि बाबरी मस्जिद शहीद करने के बाद आज तक भारत तेल का लम्बी अवधि का अनुबंध किसी अरब देश से नही किया।उठाईगीरों के तरह जहॉ-तहॉ से तेल ख़रीदता रहा, जिस का नतीजा है कि ट्रम्प के कहने पर रूस से तेल लेना छोड़ दिया।अब ट्रम्प के धमकी पर ईरान से न लेकर वेनेज़ुएला से तेल लेना होगा।
*इस महीना, रूस-यूक्रेन जंग को चार साल हो जाये गा मगर यूरोप अभी भी 2027 तक रूस से गैस लेता रहे गा। तुर्की, चीन, आर्मीनिया वगैरह अभी भी रूस से तेल-गैस ले रहे हैं।
*दुख यह है कि ट्रम्प यूरोप, तुर्की, चीन या आर्मेनिया को रूस से तेल लेने की धमकी नही देते हैं या मना नहीं कर रहे हैं, मगर भारत को धमकी देते हैं और डरा कर रूस और ईरान से तेल लेना बंद करवा देते हैं।
*पिछले तीन दशक में भारत की आत्मा $4 trillion की अर्थव्यवस्था के ही इर्दगिर्द भटक रही है जबिक चीन $20 trillion की अर्थव्यवस्था हो गया।
आज चीन इंटरनेशनल मॉनेटरी सिस्टम में बड़ी भूमिका निभा रहा है और अपनी मुद्रा रेनमिनबी (Renminbi) को ग्लोबल रिज़र्व करेंसी बनाने की ओर अग्रसर है, जबकि भारतीय रूपया 91-92 प्रति डॉलर के बीच भटक रहा है।
#NOTE: राष्ट्र स्वयंसेवक संघ और उस के प्रचारक गहन चिंतन करें कि उन के और भारत रत्न नरसिम्हा राव के एक बेवक़ूफ़ी के कारण तेल के इर्दगिर्द भटकती आत्मा से पैदा हुई द्विधायों से इस बदली दुनिया मे भारत को कैसे निकालें।आख़िर में संघ को इक़बाल का एक शेर समर्पित करते हैं:
عطا مومن کو پھر درگاہ حق سے ہونے والا ہے
شکوہ تُرکمانی، ذہن ہندی، نُطق اعرابی
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Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman बहुत अफ़सोस होता है, संघ और नरसिम्हा राव की एक ग़लती ने भारत को इस शताब्दी में एक भटकती आत्मा बना दिया। आख़िर मे उर्दु में जो इक़बाल का शेर लिखा है उस पर एक अलग से कल पोस्ट करें गें, तब लोगों को ज़्यादा समझ में आ जाये गा कि संघ और नरसिम्हा राव को बेवक़ूफ़ी से दुनिया कैसे बदली।
Sanjay Nagtilak आर्थिक स्थिती पर बात होनी चाहिए वो सब ठीक हैं, लेकिन आपको मनुष्य का अधिकार ही मिलता तब आप आर्थिक स्थिती की बात करेंगे या अपने संवैधानिक अधिकार बचाएंगे, ये सब मैं इस लिए बोल रहा हूं की एमबीबीएस की स्टुडंट पालय तडवी मुस्लिम एसटी थी, उसके साथ जातिय भेदभाव हुआ फिर भी मुस्लिम संघटनों पायल तडवी के बचाव में आगे क्यों नहीं आए?
- Mohammed Seemab Zaman, Sanjay Nagtilak साहेब, यही हिन्दू-मसलिम दंगा फसाद तो भारत में विकास पैदा नही होने दिया और चीन नास्तिक देश नाम-पता बदल कर, आज #जन्मभूमि विवाद अरूणाचल मे खडा कर दिया। अगर देश तरक़्क़ी करता तो सामाजिक न्याय नही होने का रोना बंद हो जाता। हर आदमी खुश रहता और कोई आदमी राम मंदिर, काशी मथुरा में शिवलिंग नही खोजता।
- ग़रीबी का कारण है कि लोग आरक्षण को सामाजिक न्याय समझता है। आर्थिक स्थिती को तो मुस्लिम के खिलाफ riot करवा करवा कर GDP जला कर देश को कंगाल बना दिया जिस का नतीजा है कि कल सितारमण ने सराकरी बैंक मे विदेशी को 49% साझेदारी की बात कह दिया। इन लोगो को चूल्लू भर पानी मे डूब कर मर जाना चाहिय्।
Faiz Syed 1992 में नरसिम्हा राव ने राजीव गांधी अधूरे काम को आगे बढ़ाया और 19 में झंडी लाल ने पूरा करके congress को सत्ता से बहुत दूर कर दिया फर्क़ सिर्फ इतना है congress जिस ऐब पर पर्दा डाल कर रखती थीं झंडी लाल के कारण दुनिया ने Uganda का चाल चरित्र का समझ लिया.
Faiz Syed Impact of 1992

Dilawar Khan वाह वाह क्या बात कर डाली आपने. 50 साल की कुंडली पेश कर दी आपने तो. कभी इस दर पे कभी उस दर पे दर बदर की ठोकरें खा रहे है ये. किसी चड्डी धारी मंत्री ने बडी अकड़ से कहा था कि हम अरबों से ही तेल क्यू खरीदे हम ओपन मार्केट में कही से भी ख़रीद लेंगे. उठाई गीरो की आत्मा हमेशा भटकती ही रहेगी.
- Mohammed Seemab Zaman हम को याद है जगन्नाथ मिश्र जो बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रहे थे और जिन को मौलाना जगन्नाथ कहा जाता था वह 1993 मे चड़्ड़ी हो गये थे और कहा था “हम लोग Nigeria से तेल ख़रीदें गें, अरब अपना तेल रखे” जगन्नाथ मिश्र तो मर गये, ज़िन्दा होते तो अभी रोते की क्या हो गया।
Saeed Khan Arshi सर अंधभक्त इसको भी मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं ।. कह रहे हैं कि वेनेजुएला का तेल सिर्फ भारत रिफाइन कर सकता है इसलिए भारत की चांदी होने वाली है।

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