The Post of 18 November 2025
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सात साल बाद आज मंगलवार को अमेरिका के दो दिन के दौरा पर गये हैं।
प्रिंस मोहम्मद ने ओवल आफिस के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प को कहा कि सऊदी अरब $600 billion से 1 ट्रिलियन डॉलर तक अमेरिका में निवेश कर सकता है। ट्रम्प ने कहा सऊदी अरब मेरा एक “बहुत महत्वपूर्ण” साझेदार और सहयोगी है इस कारण अमेरिका सऊदी अरब को F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान देगा और अमेरिकी AI कम्पनीयॉ सऊदी अरब में चिप्स तथा डेटा सेंटर बनायें गा, मगर सऊदी अरब को अमेरिका द्वारा Nuclear Technology देने पर कोई चर्चा नहीं हुआ।
सऊदी अरब दुनिया का सब से बड़ा तेल निर्यातक देश है मगर अब वह अमेरिकी तकनीकी कम्पनियों Microsoft, Google, OpenAI, Qualcomm, Intel और Oracle के साथ मिल कर डिजिटल युग मे दुनिया का सब से बड़ा कंप्यूटिंग शक्ति बन कर AI केन्द्र बन्ना चाहता है।
सऊदी अरब के Red Sea के पास प्राचीन शहर तबुक मे सऊदी अरब $5 billion मे एक AI data centre बना रहा है जो यूरोप जैसे दूर-दराज के देशों को AI computing को क्षमता प्रदान करेगा।सऊदी अरब नीचे समुंद्र तट पर दूसरा बड़ा AI complex बनाये गा जो एशिया और अफ्रीका के देश AI के लिए उपयोग करे गें।
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अपने आज के व्हाइट हाउस दौरे से कुछ दिन पहले अपने सऊदी अरब के Public Investment Fund (PIF) के अमेरिकी कंपनियों Visa, Pinterest, Meta, FedEx, PayPal वगैरह का Share को बेच दीया है और वह इस पैसा को अपने Vision 2030 में इस्तेमाल करे गा।
#NOTE: नीचे आज के प्रेस कांफ्रेंस का दो विडियो है।एक में ट्रम्प ने बाईडेन के बारे में कहा कि वह हर वक्त सोता था मगर वह और प्रिंस मोहम्मद हर वक्त जागते हैं और काम करते हैं।ट्रम्प ने कहा कि वह जब चाहें प्रिंस मोहम्मद को फ़ोन कर देते हैं। 27 Dec. 2015 को प्रधानमंत्री ने यही बात ओबामा के बारे में कहा था, “हम जब चाहते हैं बराक को फ़ोन कर देते हैं।”
यहॉ, ग़ौर करने की बात यह है कि दस साल में दुनिया कैसे बदल गई। कभी भारत का प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति को फ़ोन करते थे और आज यही बात अमेरिका का राष्ट्रपति एक प्रिंस को कह रहा है।
*दूसरे विडियो है जिस में ट्रम्प ने प्रिंस मोहम्मद के सामने भी फिर “सिंदूर” का युद्धविराम याद किया।
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Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman अभी आज की खबर है कि Pentagon सऊदी अरब में Rare Earths extraction की फैक्ट्री बनाये गा। यह कभी सूना है कि Pentagon कहीं प्लांट बनाता है।अब यह सऊदी Maaden और अमेरिका MP Materials की फैक्ट्री बनाये गा। लानत है सुपर पावर पर, चीन के डर से यहॉ तक गिर गया। आज सिर्फ $270 billion का ही काँट्रेक्ट साइन हुआ वह भी सब सऊदी के लिए है।
- Shekh Shakil Alam, Mohammed Seemab Zaman बिल्कुल सही न्यूज़ है हर बार की तरह इस बार भी सर इसी लिए कहता हु आप लिखते रहिए बहुत कुछ सीखने को मिलता है आप से सर
