The Post on 30th October 2025

ट्रम्प और शी पॉच साल बाद साउथ कोरिया के शहर बुसान में मिले और 90 मिनट दोनों ने बात किया।अमेरिकी थिंक-टैंक स्कॉट कैनेडी ने कहा, “शी ने ट्रंप को घूरा और ट्रंप ने पलकें झपकाईं।शी जिनपिंग ने ट्रंप को नियंत्रित करने में महारत हासिल कर ली है”

*दोनों पक्षों ने फेंटेनाइल नियंत्रण में सहयोग, कृषि व्यापार का विस्तार, सोयाबीन की ख़रीदारी जैसे मुद्दों पर आम सहमति बनाई है।इस के अलावा, अमेरिका ने चीन के समुद्री, logistics and shipbuilding industries पर हाल ही में लगाए बंदरगाह शुल्क को एक साल के लिए स्थगित करने पर भी सहमति जताई है, जिसके बाद चीन अमेरिका से जुड़े जहाजों को अपने जवाबी उपायों को स्थगित कर देगा।

*TikTok मुद्दा हल नहीं हुआ और ट्रम्प चीनी स्वामित्व वाले वीडियो ऐप पर अमेरिकी नियंत्रण पर हस्ताक्षर नहीं कर सके। मगर 17 Rare Earth Metals (दुर्लभ-पृथ्वी खनिजों) चीन एक साल तक अमेरिका को देने पर राज़ी हो गया है।

*ट्रम्प ने कहा कि हम ने शी से ताइवान पर कोई चर्चा नहीं किया, “ताइवान का मुद्दा कभी उठा ही नहीं।इस पर चर्चा नहीं हुई।”

*Xi said it was natural that the US and China would “not always see eye to eye” and it was “normal for the two leading economies of the world to have frictions now and then.” (शी ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि अमेरिका और चीन हमेशा एकमत नहीं रहेंगे और दुनिया की दो अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं के बीच कभी-कभी मतभेद होना सामान्य बात है)

NOTE: पिछले दस महीना मे, दुनिया की सियासत साफ़ बदली नज़र आने लगी।राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रम्प को open challenge कर के झुका दिया, कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने साउथ कोरिया से $500 billion के ट्रेड की बात कर रहे हैं, साउथ कोरिया अमेरिका मे Nuclear Powered Submarine बनाने का agreement कर रहा है मगर यहॉ के नेता, बुद्धिजीवी और उद्योगपति reel बना कर नाचने और 1GB डेटा को विकास बता रहे हैं।

लेकिन जो हुआ देश के साथ सही हुआ।संघ की सरकार नहीं बनी, वरना विश्वगुरु बन जाते इस का अफ़सोस हम लोगों को रह जाता और अब पटेल प्रधानमंत्री नहीं बने, इस का अफ़सोस भी किसी को नहीं रहे गा।