The Post of 15 August 2026
मदरलैंड ने अपनी आज़ादी का 80वीं वर्षगाँठ मनाया, मुबारकबाद।
दो दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस क्लब के एक समारोह मे कहा कि अगर “RSS की अभिव्यक्ति खत्म करने की बात हुई तो मैं उस की रक्षा करूँगा।”
सौ साल बाद, कांग्रेस के कर्नाटक सरकार ने पहली बार संघ को सीधा निशाना बनाया और पंजीकरण की माँग कर ख़र्च का लेखा-जोखा की जानकारी सार्वजनिक करने का नारा लगाया, जिस का कारण है कि संघ ने अपने “संघ स्प्रिंग” के बाद फिर झक मार कर कांग्रेस से सम्पर्क बना कर “कोख और गोद” के खेल को ही सर्वश्रेष्ठ समझा।
राहुल गांधी का “RSS की रक्षा” करने की बात अनर्गल उन के मूंह से नहीं निकल गया बल्कि यह संकेत है कि 2011 के “अरब स्प्रिंग” के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने संघ को साथ लेकर भारत में 2014 मे जो “संघ स्प्रिंग” किया था, उस का अन्त अब निश्चित होने वाला है।
#NOTE: दुआ है कि हमारे आदरणीय विश्व प्रख्यात दार्शनिक संघ प्रमुख मोहन जी का एक़बाल बुलंद हो क्योंकि मेरा मान्ना है कि संघ से बहुसंख्यक समाज को फायदा कम मगर नुक़सान ज़्यादा है।
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Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman अब कांग्रेस सत्ता में आई तो उस के लिए देश का विकास करना बहुत कठिन होगा क्योंकि दुनिया मे geopolitics & geoeconomics बदल गया है।
हॉ, यह ज़रूर होगा कि दुनिया में भारत के प्रति एक perception बदले गा मगर भारत को उस का कोई economic फ़ायदा नहीं होगा।
Parmod Pahwa, Mohammed Seemab Zaman सर शायद ऐसा नहीं है क्योंकि कांग्रेस के रहनुमा नेहरू जी के वक्त से ही आलमी ताकतों को टेकल करना जानते है। हकीकत में जो लीडरान सतही नजर आते है वो डिसीजन मेकर नहीं है। डीप स्टेट सबकी होती हैं बेशक जानवरों के डॉक्टर की स्टोन एज वाली है जिसकी वजह से उन्होंने मिला हुआ बेहतरीन मौका गवां दिया। अगर ये हिंदू मुस्लिम ना करते तो सदियों तक हकूमत पर काबिज रह सकते थे।
Saheel Shaikh, Parmod Pahwa साहब, लेकिन राहुल गांधी के इस बयान से एक बात तो क्लियर हो गई है कि सत्ता बनाए रखने में संघ का साथ जरूरी हैं जिसकी वजह से राहुल गांधी संघ को सुरक्षा देंगे और रही बात संघ जैसे घोर सांप्रदायिक संगठन को संरक्षित करना और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पे बचाव करना है ये देश हित में नहीं हैं आज जो पॉपुलेरिटी Rahul Gandhi की बनी हैं उसकी वजह उनका संघ का आलोचक होना है न कि संरक्षक होना लेकिन संरक्षण के बयान के बाद बड़ा तबका जो कांग्रेस का नया वोटर हैं वो एक बार सोचेगा जरूर।
Mohammed Seemab Zaman, Parmod Pahwa साहेब सही लिखा है कि “अगर ये हिंदू मुस्लिम ना करते तो सदियों तक हकूमत पर काबिज रह सकते थे, मोहन जी ने बेहतरीन मौक़ा गवां दिया” इन के हिन्दू-मुस्लिम करने कि वजह कर हम ने 2015 ओबामा visit के बाद लिखना शुरू किया था कि अब भारत को कोई दूसरा चीन नहीं बन्ने देगा और वही हुआ।
Hasmat Alam, Mohammed Seemab Zaman सर इसका मतलब यह है कि आपके अनुसार भाजपा की सत्ता जाने वाली क्या में सही समझ रहा हूं.
Syed Shaad, सर कांग्रेस भी आ जाएगी तो भी मुस्लिम नफरत, हिंदुत्व, संघी सोच ये सब समाज में जिंदा ही रहेगी। बस देश में बीजेपी का सपोर्ट कम हो जायेगा, इससे ज्यादा बदलाव की कल्पना नहीं कर सकते हैं।
Rohit Ramsay, Rahul Gandhi Ji ko yah baat behtar tarike se samajhni hogi ki Congress aur RSS 2 अलग-अलग vichardhara Hai aur unko donon mein se kisi ek ko chunna hai warna congress bhi khatam.
Ahmed Jamal Ibraihimi, Mohammed Seemab Zaman sir, mujhe yaad hai aapne ek baar ek post kiya tha, usme kaha tha ki sangh , congress ke saath phr se kokh aur goud ka khel khelne ke liye tayyar hai, lekin Rahul Gandhi iske liye tayyar nahi ho rahe hain, aur isliye sangitkar itna Rahul gandhi ke khilaaf nafrati bayan de rahe hain…….. Aur usme aapne kaha tha ki Rahul Gandhi sahi kar rahe hain, kynki jitna rayta Bharat jalao party ne failaya hai, ussey sametne ka kaam bhi Unhein hi karna chahiye, iss wajah se Rahul gandhi ka decision sahi hai, jab pareshaan ho kar yahan ki awam hatayegi bharat jalao walao ko, tab Rahul gandhi ko lead karna chahiye, aur phr ek sundar desh banega………….. Lekin abhi achanak se aisa kya ho gaya, ki aakhirkar Rahul Gandhi ready ho gaye phr se kokh aur goud ke khel ke liye?????
Shahreen Khan, Mohammed Seemab Zaman sir ye bat aap bhi ek se 2 sal pahle likh chuke hain ki desh me RSS ka bane rahna zaruri hai. Aj aap ki wahi bat rahul Gandhi bhi bolne lage.
Azharuddin Khaja Mohammad, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को उस याचिका पर कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया है, जिस याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ CBI और ED जांच की मांग की गई थी, याचिका में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी के पास आय से अधिक संपत्ति है!
Kahkashan Naz, राहुल गाँधी के इस बयान के बाद तो क्रिस्टल क्लियर है कि सत्ता बदलने और बनाए रखने में अहम भूमिका बहुसंख्यक समाज +संघ की ही है, इसलिए मुस्लिमों को भी बीजेपी हराने और सेक्युलरिज़्म की एकतरफा ठेका उठाने के दबाव से मुक्त हो जाना चाहिए, जहाँ पॉसिबल हो वहाँ अपनी लीडरशिप सॉइलेंटली बिल्ड अप ज़रूर करना चाहिए।
Saheel Shaikh, Rahul Gandhi ने आरएसएस को संरक्षित करने को बोलकर खुद ही आरएसएस के सामने सरेंडर कर दिया हैं जबकि भारत के उन लोगों के सामने अच्छी छवि बन रही थी जो आरएसएस भाजपा को पसंद नहीं करते अब ये छवि खराब होगी राहुल गांधी की जब आरएसएस को संरक्षित करना था तो टारगेट क्यों किया और अगर बात अभिव्यक्ति की आजादी की हैं तो आरएसएस तो अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ बना है और इसपे काम करता हुआ संगठन हैं लेकिन राहुल गांधी ने साबित कर दिया हैं कि वो देश के मुसलमानों और बहुजन समाज के खिलाफ हैं।
Tur Khan, आपकी पोस्ट से क्लियर हुआ कि संघ से सांठगांठ होने पर ही रागा शाह और मोदी का नाम लेने लगा है उनके बारे में निडर होकर बात करने लगा है और दावा करता है कि पीएमओ से उसको खबरें मिल रही हैं। ये सब संघ से सांठगांठ का ही नतीज़ा है। मुस्लिमों को अब अपनी क़यादत पर फोकस करना चाहिए। यूपी चुनाव में ओवेशी का खाता खुल जाएगा। बहुसंख्यक जागे या ना जागे हो लेकिन मुस्लिमों में सियासी सऊर जाग रहा है।
Kadar Khan, जो कांग्रेस अपने ही सांसद एहसान जाफरी को सत्ता में रहते हुए भी न्याय नहीं दिला सकी उससे मुस्लिम को कभी कोई उम्मीद नहीं करनी चाहिए। आज भी कांग्रेस साफ्ट हिंदुत्व पर ही चल रही है और बहुसंख्यक समाज को खुश रखना चाहती है। कांग्रेस ने हमेशा मुस्लिम को यूज़ एंड थ्रो ही किया है लेकिन मुस्लिम अब समझने लगा है और कांग्रेस का विकल्प भी ढूंढ रहा है इंशाअल्लाह कोई रास्ता ज़रुर बनेगा एक बात और इस तरह की नीति पर चलते हुए कांग्रेस कभी भी सत्ता में नहीं आएगी ।
Zuber Mansur संघ खत्म भी हो जाए तो क्या ??? ये विचारधारा तो सदियों से रही हैं 1857 के बाद दो राष्ट्र की बात आज के संघ ने नहीं करी थी उस वक्त दूसरे लोग थे।ये बाटने वाली विचारधारा कैसे खुद को बदलेगी ????
Arif Kamal, सर क्या संघ अपनी सोच बदल रहा है की कट्टरवाद से काम नहीं चलेगा और सर्बधर्म सद्भाव चाहिए ।इसके लिए वो अब भारतीय जानता पार्टी की जगह कांग्रेस की तरफ़ आएगा । या राहुल अपनी सोच बदल रहे है और फिर से कोख और गोद के सिस्टम को बनाने की तयारी है ?
Kashif Khan सर, Facebook समाज में सिर्फ़ आप ने सही तरिके से समझाया है राहुल गांधी के ब्यान को….
Mohammad Ahmed Tasleem, Ab to lagta Hai yah 50 sal Tak bilkul bhi kuchh nahin hone wala mulk mein


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