The Post of 6th March 2026
تو ابھی رہگزر میں ہے قیدِ مقام سے گزر
مصر و حجاز سے گزر، پارس و شام سے گزر
यह हैं हमारे खांदानी कांग्रेसी नेता राहुल गांधी जो संघ के प्रधानमंत्री को तंज़ कर रहे हैं कि “अमेरिका ही तय करे गा कि हम किस से तेल ख़रीदें और किस से नही”
#राहुल गांधी हम को अफसोस है कि जिस के पिता ने बाबरी मस्जिद का ताला खोला और जिस के कांग्रेस पार्टी के प्रधानमंत्री भारत रत्न नरसिम्हा राव ने बाबरी मस्जिद को बम से उड़ा कर 1993 से open market से तेल खरीदना शुरू किया, वह आज भारत सरकार के देशभक्त प्रधानमंत्री के चुप्पी को शर्मनाक कह रहे हैं।
राहुल गांधी देख लिजये आप के पिता और पार्टी की ग़लती ने 140 करोड़ आबादी वाले चीन को महाशक्ति बना दिया जिस का सैकड़ों जहाज़ Gulf of Hormuz से तेल ले जा रहा है मगर वहीं 140 करोड़ का भारत आज उस रास्ते से तेल लाने में सक्षम नहीं है। राहुल गांधी तंज़ करने के पहले यह तो बताइये रूस का तेल कहॉ से और किस जहाज़ से आये गा?
#संघ प्रमुख पंडित मोहन भागवत देख लिजये हम 2015 से लिख रहे हैं कि अमेरिका या यूरोप भारत को अब दूसरा चीन नहीं बन्ने दे गा। यही बात जियोपॉलिटिक्स और जियोइकॉनॉमिक्स पर भारत के रायसीना डायलॉग कॉन्फ़्रेंस मे अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडौ ने कहा है कि “हम भारत के साथ वही गलतियाँ नहीं करने जा रहे हैं जो हमने 20 साल पहले चीन के साथ की थी।” यानि भारत को दूसरा चीन नहीं बन्ने दें गें।
#NOTE: राहुल गांधी और हमारे विश्व प्रख्यात दार्शनिक पंडित मोहन भागवत आप लोगों ने बाबरी शहीद कर और मुग़ल के बनाये ज़िला, शहर, सड़क, गली, चौराहा का नाम पता बदल कर 21वी सदी में भारत को “भटकती आत्मा” बना दिया है।तेल की इर्दगिर्द भटकती आत्मा, याद देलाता है “जो मुग़ल के भव्य अतीत को याद नहीं रखते, वे शापित हैं”
“तु अभी रह गुज़र में है क़ैद मुक़ाम से गुज़र
मिस्र व हेजाज़ से गुजर, पारस व शाम से गुज़र” (इक़बाल)
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Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman कतर के एनर्जी मिनिस्टर ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध “bring down economies of the world”, और अनुमान लगाया है कि कुछ ही दिनों में सभी गल्फ एनर्जी एक्सपोर्टर प्रोडक्शन बंद कर देंगे और तेल की कीमत $150 प्रति बैरल तक पहुंच जाएगी।
लडाई जब बंद होगी तो एक हफ्ता से एक महीना लगे गा फिर से तेल और गैस सप्लाई शुरू करने मे। मेरा पिछला पोस्ट याद रखिये गा यह दूसरा रमज़ान वार है जो 1973 के रमज़ान वार की याद दुनिया को दिला दे गा।
Sushila Sushila सर आप राहुल गांधी को क्यूँ बेशर्म कह रहे हैं। मुझे समझ नहीं आया। आपके हिसाब से राजीव गांधी दोषी है इसलिए राहुल गांधी बेशर्म है?? मतलब समझ नहीं आया। सारा ठीकरा राहुल गांधी के सिर पर फोड़ देना।????
- Mohammed Seemab Zaman, Sushila Sushila साहिबा, हम ने इस वजह कर बेशर्म कहा कि कांग्रेस को हमेशा यह याद दिलाना है कि पिछले चालिस साल से “आप भी संघ की B team” रहे हैं। राजीव गांधी को 402 सीट संसद मे मिला था जो आज तक किसी पार्टी को नही मिला वह चाहते तो यह “मंदिर-मस्जिद” विवाद शांति से उसी वक्त खत्म कर देते मगर वह ताला खोलवा दिया। और अभी भी कांग्रेस मे वही लोग मौजूद हैं, राहुल गांघी किसी को निकाल नही रहे हैं, इंदिरा गांधी ने तो कांग्रस को तोड कर Congress (I) बना दिया था। राहुल गांधी देश को clear message नही दे रहे हैं।
- Sushila Sushila, Mohammed Seemab Zaman सर निकाल तो रहे हैं राज्यसभा में किसी भी बुड्ढे खुस त हरा मी को नामांकन नहीं करवाया। सर प्लीज राहुल को बेशर्म ना कहा करें
- Mohammed Seemab Zaman आप की बात हम ने मान लिया, अब हम कभी नहीं कहे गें और पोस्ट से भी बेशर्म लवज़ हटा दिया।
Talwinder Singh Sahota भारत के मुसलमान को तो हिंदू को सम्राट बना कर ही जीना है जब हैदरावाद को भारत में मिलाया तो पचास हज़ार मुसलमानों को मारा गया किसी मुसलमान ने कभी ये बात तक नहीं बोली कश्मीर में कितने मुसलमानों को रोज़ मारा जाता है भारत का कोई मुसलमान नहीं बोलता और सिमपति अरबियो से चाहते है ।कल को भारत से सभी क़ौम अपना हिस्सा निकालते है तो मुसलमान एक स्वाल है ?
- Mohammed Seemab Zaman जब हिंदू सैकड़ों साल मुस्लिम को सम्राट बना कर जिया तो मुसलमान भी आज हिन्दू को सम्राट बना कर जी रहा है। तो फिर मुसलमान सवाल क्यो करे?
- Sushila Sushila, Talwinder Singh Sahota आप हिंदू मुस्लिम क्यूँ करना चाहते हैं। प्लीज इस तरह के कमेंट ना करें। वैसे ही हवाओं में ज ह र भरा हुआ है.
Anwar Ali मैंने 1992 में एक लेख “इलस्ट्रेट वीकली” मैगज़ीन के हवाले से हिंदी में लिखा था जिसका शीर्षक था “बाबरी मस्जिद सच क्या है”। मैंने इसके 2000 पर्चे छपवाकर सबको सच बताने की कोशिश की थी। 6 दिसम्बर 1992 को कल्याण सिंह के सुप्रीम कोर्ट में दिए हिफ़ाजती शपथपत्र के बावजूद मस्जिद शहीद कर दी गई थी, उसके बाद कानून बना कि आइंदा किसी भी धार्मिक स्थल का स्वरूप जो आज़ादी के वक़्त था वही रहेगा बदला नहीं जाएगा लेकिन सरकार बदल गई और बाबरी मस्जिद शहीद करने वाले नहीं रुके। राममंदिर आंदोलन ने मस्जिद की जगह मंदिर तो बना लिया लेकिन देश ने विकास का वह स्वर्णिम अवसर खो दिया जिस पर चलकर चीन हमसे बहुत आगे निकल गया। राम मंदिर आंदोलन शुरू होने के समय भारत व चीन की प्रति व्यक्ति आय बराबर थी, आज चीन की प्रति व्यक्ति आय भारत से पौने चार गुना ज़्यादा है।
भारत का नेतृत्व लगातार गलतियां कर रहा है। मुस्लिम विरोध में उसकी नीतियां देश की इकोनॉमी पर कुठाराघात कर रही हैं। इजराइल जैसे शातिर देश से वो ज़्यादा फ़ायदा नहीं उठा पायेगा जितना अरब देशों से सम्बन्ध का उठा पाता। भारत से सच्चा प्रेम करने वाले यह देखकर दुखी हैं कि इस दौर में जब अधिकांश देश अमेरिकी नीतियों से पीड़ित होकर उससे सम्बन्ध तोड़ रहे हैं, भारत उसके चंगुल में फँसता ही जा रहा है।
Abdul Raheem हॉर्मूज़ से तेल नहीं ला पा रहे हैं, अरब और ईरान से तारीखी/ऐतिहासिक और भौगोलिक तौर पर क़रीब होने के बाद भी. अब अमेरिका यहाँ आकर साफ़ कह रहा है कि दूसरा चीन नहीं बनने देंगे. क्या ये ऐसा किसी और देश जाकर बोल सकते हैं?! बाक़ी, कांग्रेस के पास कोई रोडमैप नहीं है. हो भी नहीं सकता है, क्योंकि सोच वही है.
Arshad Rashid साहब बेहद शानदार लिखा हैं आपने जननायक भी कुआं के मेंढक निकला आपकी एक बात याद हैं हमें जब आपने कहां था कि MKD वाले जननायक हम उर्दू वालों के लिए कुछ नहीं करेंगे.. मेरा तभी से मानना रहा हैं कि अगर कभी भी रोशनी आती हैं और हालात बदलने के लिए रिफॉर्म्स की जरूरत आन पड़ी तो वर्तमान राष्ट्रवादी सरकार ही कामयाब रहेगी क्योंकि मेजॉरिटी इनके हर काम को एक्सेप्ट करती आई हैं.. वरना अगर नई सरकार बनी तो वो सिर्फ वोटबैंक के इर्द गिर्द घूमेगी और हमेशा अंडर प्रेशर रहेगी
- Mohammed Seemab Zaman, नीतीश कुमार के राज्य सभा जाने पर नज़र रखिये गा। अभी इस पर कोई उर्दु नाम वाले टिका टिप्पणी नही किजये, चुप रहिये।
Kamil Khan आप ने बहुत पहले ओबामा के वक़्त में ही लिख दिया था कि अमेरिका भारत को दूसरा चीन नहीं बनने देगा, जिसकी गवाही आज अमेरिका खुद दे रहा है, आप ने सेकडों बार लिखा के भारत अपना 80% तेल गैस विदेश खास कर अरब देशों से लेता है, पर यहाँ मुगलों से लड़ने की फुरसत नहीं थी,
आज बुद्धि जीव बोल रहे हैं सिर्फ़ हमारे पास पीने का पानी है, अनाज के लिए यूरिया पर हम विदेश पर निर्भर हैं और खाना पकाने के ईंधन पर हम अरब पर निर्भर है, एनर्जी के बग़ैर हमारा चक्का जाम हो जायेगा,
- Mohammed Seemab Zaman अंधे दिल के बुद्धिजीवियों के दिल मे क्या रौशनी आने लगी? अभी को बहुत कुछ होना बाक़ी है, फिर बहुत रौशनी आ जाये गी।
Sandeep Solanki असल में राजीव गांधी के समय में यदि संघ के लोग ना घुसे होते तो शायद राजीव गांधी कभी भी ताला नहीं खुलवाते …. असल में संघ का घेरा कांग्रेस में इतना तंग है कि डिसीजन मेकिंग बॉडी इन कांग्रेस में सांस भी ले तो संघ को पता चला जाता है
- Mohammed Seemab Zaman, Sandeep Solanki साहेब, कांग्रेस मे संघी लोग हमेशा रहे, यही वजह है कि हम “कोख और गोद” लिखते हैं। कांग्रेस आज़ादी के बाद हमेशा संघी लोगो को “गोद” लिया। इंदिरा गांधी ने सब को दबा कर रखा था यही वजह है कि 1974 मे “जयप्रकाश आंदोलन” शुरू हुआ। नरसिम्हा राव पुराना संघी 1946 का था।
- सही कहा आप ने संघ का घेरा कांग्रेस मे इतना बडा है कि राजीव गांघी 402 सीट जीत कर भी अपना decision नही ले सके।


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