The Post of 07-04-2020

मिडिल ईस्ट के जंग के दौरान, डोनाल्ड ट्रम्प का गाली-गलौज पर उतर जाना हारे हुऐ अमेरिका-इसराइल जंग का ऐलान है।

हम ने अपने 26 March 2026 के पोस्ट में लिख दिया था कि “ट्रम्प ईरान जंग हार चुके हैं.” और पिछले दस दिनों मे ट्रम्प ने ग़लीज़ गाली लिख और बोल कर अपनी हार की खिजलाहट मिडिल ईस्ट के हुक्मरानों पर उतार रहे हैं, जिन लोगों ने इन को कभी “trillion dollars” मे निलाम कर “विश्वगुरु” बनाया था और आज एक साल बाद “भिखारी” बना दिया।

*सब्र किजये, यह जंग “मिडिल ईस्ट” की तारीख़ी जंग साबित होगी क्योंकि “तेल और गैस” एक बार फिर 1973 के तरह weapons साबित हो रहा है जो दुनिया के economy को तबाह कर दुनिया के राष्ट्राध्यक्षो मे “अमेरिका-इसराइल” से नफ़रत पैदा कर दे गा।

*जापान और आस्ट्रेलिया की सरकार ने तेल की कम्पनियों को केवल “emergency services” को तेल की आपूर्ति की ज़िम्मेदारी दिया है और पब्लिक के आपूर्ति से मुक्त कर दिया है, क्योंकि उन के पास केवल 30 दिन का तेल और गैस है।

*चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा 1.3 billion barrels पेट्रोलियम इमरजेंसी रिज़र्व है और उस को रूस तथा कज़ाकिस्तान से पाइप द्वारा गैस और तेल की आपूर्ति भी जारी है। यानि चीन दुनिया का वाहिद देश है जो इस लड़ाई में तेल-गैस के संकट से मुक्त है।

#NOTE: अगर यह लड़ाई लम्बी चली तो, उम्मीद है कि दुनिया के राष्ट्राध्यक्ष भी बहुत जल्द ट्रम्प को गाली-गलौज करना शुरू कर दें गें और अंततोगत्वा 1948 के बाद की दुनिया का अंत हो जाये गा।
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Some comments on the Post

Mohammed Seemab Zaman जिस क़तर ने पिछले साल ट्रम्प को $400 million का Boeing जहाज़ gift किया था वह आज दुनिया का पहला देश हुआ जिस ने “American Army Base” को हटाने का आदेश दिया है।
अभी दुनिया के 80 देशों में अमेरिका का 800 Army/Air Base है मगर क़तर दुनिया का पहला मुल्क है जिस ने ट्रम्प को बेस हटाने को कह कर भानुमति का पेटारा खोल दिया।

Ambuj Gupta Bhartiya इस जंग को कृपया ईरान और इजरायल अमेरिका की जंग के रूप में लिखें। मिडिल ईस्ट के अधिकांश देश तो ईरान के खिलाफ ही लड़ रहे हैं। एक नए शक्ति केंद्र के बनने की शुरुआत है ये, एमबीएस जैसे कसौटी पर कसे जाएंगे। बहुत बड़ा धोखा हुआ है इस्लामिक राजनीति के साथ, ईरान संभल जाए फिर वो सबको संभालेगा, अमरीका को जाना होगा, और जल्दी ही जाना होगा।

Ayub Khan सेम वही कंडीशन है पहले दो आलमी जंगों में अमेरिका अछूता था एनर्जी की कमी नही इंडस्ट्रियल या कैसा भी प्रोडक्शन चल रहा था और पूरी दुनियाँ मर खप रही थी अब चीन मजे में है और पूरी दुनियाँ बेचैन और सुपर पावर घोर बेइज्जती और खर्चे में फंसे हुए हैं.

सैफी आमिर, sir आपकी इस पोस्ट से एक बात तो क्लियर है कि भूख सबको लगती है पेट भरने के लिए पेट्रोल और एलपीजी बहुत जरूरी है यदि इनकी सप्लाई बाधित होगी दुनिया भर के मुल्क एक एक करके अमेरिका से अलग होकर नई डीलें करेंगे जो अब होता दिखने लगा है.

Dilawar Khan वाह बहुत खूब,,,
बहुत सही कहा आपने,,, सर. ट्रम्प जंग हारता हुआ अब गाली गलौज कर रहा है ये ट्रंप की निराशा और खिजलाहट है.
अरब देशों ने चुपके से तेल को फिर हथियार बना लिया है. यूरोप के ज़्यादातर देश खास कर इटली, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन ट्रंप को गाली दे रहे है . जल्द ही दुनियां भर के देश भी ट्रंप को गालियां देना शुरु करेगे. जल्द ही विश्व की व्यवस्था मुस्लिम देशों के हाथ मे होगी

Raja King ceasefire पर लिखिये ll
क्या ईरान का मेन मकसद होर्मुज़ पर कब्जा करके अरबों पर कंट्रोल करना था ll अरबों को कमज़ोर करना था ll क्योंकि फिलिस्तीन की आज़ादी लेबनान से कब्जा हटाने की कोई बात नहीं हुई ll

  • Mohammed Seemab Zaman पोस्ट कर दिया। होर्मूज़ मेरे नज़र में बड़ा issue नहीं है। पूरी मुस्लिम दुनिया इस जंग से 1876 के बाद ज़िंदा हो गई। बेगैर फ़लस्तीन हल हुऐ यह जंग खत्म नहीं हो गी।
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