The FB Post on 10 May 2026
अभी अमेरिका मे 93 न्यूक्लियर पावर प्लांट बिजली पैदा कर रहा है जब कि फ्रांस मे 50 न्यूक्लियर पावर प्लांट कार्यरत है।फ्रांस अपने न्यूक्लियर प्लांट से अपनी ज़रूरत का 65% electricity पैदा करता है और बाक़ि तेल और गैस से एनर्जी पूरा करता है।
*1990 मे चीन ने फ्रांस के न्यूक्लियर प्लांट बनाने वाले पब्लिक सेक्टर कम्पनी edf से nuclear technology transfer करने का समझौता किया और दस साल में 2000 तक फ्रांस ने चीन मे 3 न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाया।आज 2026 मे चीन मे 60 न्यूक्लियर पावर प्लांट है जो चीन मे बिजली सप्लाई करता है।
*1990 मे हम लोग भारत मे “जय श्री राम” का नारा लगा रहे थे और आज 36 साल बाद भी 2026 मे बंगाल में वही नारा लगा रहे हैं मगर चीन न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में फ्रांस से ज़्यादा technically developed हो गया है और आज खुद 36 नया न्यूक्लियर प्लांट चीन में बना रहा है।
*आज 10 लाख आदमी को electricity उपलब्ध कराने के लिए चीन का Hualong-1 nuclear plant €5 billion में बन रहा जबकि फ्रांस को प्लांट बनाने पर €8-12 billion खर्च होता है।चीन का प्लांट छोटा और कम ऊँचा (60 मीटर) है जबकि फ्रांस का बड़ा और ज़्यादा ऊँचा (80 मीटर) होता है।
*आज चीन न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने मे self sufficient हो गया है और दूसरे मुल्कों में पावर प्लांट बनाना शुरू कर दिया है।चीन ने विदेश में पहला पावर प्लांट पाकिस्तान में बनाया है।
#NOTE: कहा जा रहा है कि 2050 तक दुनिया को तेल और गैस की ज़रूरत दुगनी हो जाये गी क्योंकि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) जो दुनिया का चौथा औद्योगिक क्रांति है उस के वजह कर दुनिया को 2050 तक दुगना एनर्जी की ज़रूरत होगी।
AI मे चीन अमेरिका से ज़्यादा तरक़्क़ी कर गया है।चीन की कम्पनी अमेरिका से सस्ता प्रॉसेसिंग चिप्स GPUs और CPUs के लिेए डिज़ाइन कर रही हैं और बना रही है।
#गर्व_है_मेरा_पड़ोसी_विश्वगुरु_बन_गया
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Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman अमेरिका-इसराइल-ईरान जंग से मिडिल ईस्ट से तेल, गैस और फर्टिलाइजर की सप्लाई बुरी तरह असर अंदाज़ हुआ है। सऊदी अरब के तेल कम्पनी Aramco के CEO ने कल कहा है कि इस जंग के वजह कर पिछले दो महीना में 1 billion barrels तेल दुनिाय को कम सप्लाई हुआ है, जिस का असर कई महीन तक रहे गा।
प्रधानमंत्री ने हिन्दुस्तानियों से अपील किया है कि घर से काम करें, बिना ज़रूरत घर से न निकलें, एक साल तक सोना न ख़रीदें, विदेश न जायें और तेल-डीज़ल का सही उपयोग करें क्योंकि वेस्ट एशिया प्रोब्लम अभी ख़त्म होता नज़र नहीं आ रहा है।मेरा कहना है कि अब देश में कोई चुनाव नही होना चाहिये क्योंकि प्रचार और Road Show मे बहुत तेल-डीज़ल खर्च होता है।
Abdul Raheem चीन ने high speed railway में भी यही किया. शुरु में जापान, यूरोप की कम्पनियों से बनवाकर सीखा… और 5 साल में अपनी बनाई हुई ट्रेन launch कर दी. आज चीन में 50 हज़ार किलोमीटर से ज़्यादा का high speed railway नेटवर्क है, जो पूरी दुनिया के से ज़्यादा है, और जो 1000 km के सफ़र के लिए, flight से competition करता है.
Kamil Khan जो लोग समझते हैं के मोदी के बाद भारत पिछड़ गया ये आधा सच है, भारत में इमरजेंसी के बाद जब जनता पार्टी की सरकार बनी, उसके बाद से जितनी भी भारत सरकार की नीतियां रहीं, गुब्बारे के जैसी थी, हर पार्टी की सरकार में यही हुआ, और मन्दिर आंदोलन हिंदुत्व का प्रभाव रोकने में देश बरबाद हो गया, और फिर मोदी सरकार आ ही गई, और बर्बादी फिर बुलेट ट्रेन बन गई

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