The FB Post on 6th May 2026

हम हमेशा कहते और लिखते हैं कि पिछले कई दशकों से हिन्दुस्तान का बहुसंख्यक बुद्धिजीवी समाज भारत का इतिहास और भूगोल भूल गया है, मगर सपना देखता और देखाता है विश्वगुरु बन्ने का।

नीचे दो तस्वीर देखये, हिन्दुस्तान के उत्तर में पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, सेंट्रल एशिया है और दूसरे तरफ़ हिन्द महासागर के साथ सोमालिया, जिबूती, अरब मुल्क और ईरान है।

#पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान से लेकर कज़ाखस्तान तक तेल, गैस, खनिज पदार्थ, रेयर अर्थ मेटल्स और यूरेनियम का भंडार है।वहीं दूसरी तरफ़ अरब मुल्क और ईरान के पास दुनिया का सब से बड़ा और स्स्ता तेल और गैस का भंडार है।

#दुनिया के ग्लोबल ट्रेड का तीन बड़ा Strategic Points अरब मुल्कों से हो कर गुज़रता है।यह तीन बड़े पॉइंट Strait of Hormuz, Bab Al Mandeb और Suez Canal, एक Triangle यानी त्रिकोण रूपी हैं, जहॉ से तेल, गैस, फर्टिलाइजर और सामान गुज़रता है:

*पहला होर्मुज़ स्ट्रेट है, जो हिन्दुस्तान से सब से क़रीब है।इस की चौड़ाई सिर्फ़ 33 km है, इसे दुनिया का सब से बड़ा Energy Artery (उर्जा नस) या Pulse कहा जाता है।इस रास्ते से रोज़ दुनिया को 20 million बैरल तेल और क़तर का गैस सप्लाई होता है।

*दूसरा बाब अल मंदब है जो Red Sea और Indian Ocean को जोड़ता है, जिस की चौड़ाई सिर्फ़ 29 km है।इस बाब से रोज़ 7 million barrels तेल और 10% सामान यूरोप को जाता है।

*तीसरा सब से महत्वपूर्ण Strategic Waterway स्वेज़ कनाल है जो हिन्द महासागर को Mediterranean Sea से जोड़ता है।यह कनाल दुनिया की प्राचीन सभ्यता मिस्र का भौगोलिक भाग है, जहॉ से हर साल 2000 जहाज़ गुज़रता है जो ग्लोबल ट्रैफिक का 35% हिस्सा है।

अरब देशों का यह Waterways और पाकिस्तान-सेंट्रल एशिया का Roadways दुनिया के Logistics और Supply Chain का एक अहम हिस्सा है जो भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तौर पर हिन्दूकुश और हिन्दुस्तान से जुड़ा है।

#NOTE: अफसोस हमारे बहुसंख्यक समाज के बुद्धिजीवियों की ऑंख नहीं दिल अंधा हो गया है जिन को हिन्दुस्तान के मुसलमानों का महत्व दुनिया के geopolitics और geoeconomics में नज़र नहीं आता है मगर ख़्वाब देखते हैं विश्वगुरु बन्ने का।