The FB Post on 5th May 2026

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची दो दिन के लिए चीन के दौरा पर जा रहे है।अराग़ची का दौरा 28 फ़रवरी के अमेरिका-इसराइल-ईरान जंग के बाद का यह पहला दौरा है।मगर इस जंग के दौरान, पिछले दो महीना में ईरानी विदेश मंत्री ने चीन के विदेश मंत्री से तीन बार फ़ोन पर बात किया है और जंग में सैटेलाइट सपोर्ट तथा सैन्य साज़-व-सामान का शुक्रिया अदा करते रहे हैं।

कहा जा रहा है कि ईरान के विदेश मंत्री का दौरा इस महीना प्रेसिडेंट ट्रम्प के चीन के दौरा के पहले होने का ख़ास मक़सद है कि शी जिनपिंग ईरान के अपने रिश्ते को ट्रम्प के सामने कमज़ोर न होने दें बल्कि यह सिग्नल दें की वह “विश्वगुरु” बन गये हैं।

ट्रम्प का मई में चीन यात्रा पिछले दस साल में अमेरिकी राष्ट्रपति का पहला दौरा होगा।बराक हुसैन ओबामा ने आखरी बार 2017 में चीन का दौरा किया था। बराक अपने प्रेसिडेंशियल कार्यकाल में तीन बार चीन गये थे जबकि 1972 से प्रेसीडेंट निक्सन के बाद फ़ोर्ड, कार्टर, बुश, क्लिंटन, जॉर्ज बुश वगैरह ने सिर्फ़ एक बार ही अपने प्रेसिडेंशियल कार्यकाल मे चीन का दौरा किया था।

होर्मुज़ संकट से तेल के बढ़े दाम की वजह कर दुनिया में लम्बे वक़्त के क़र्ज़ (Bond) का व्याज दर तेज़ी से बढ़ रहा है, जिस से दुनिया की अर्थव्यवस्था में महगाई का लम्बा दौर जारी रहे गे।

आज इंग्लैंड के लम्बे समय के Thirty Years Gilt (Bond) 1998 के बाद 0.14% पॉइंट बढ़कर से 5.79% हो गया है, जो लगभग तीन दशकों में उनका सबसे ऊंचा लेवल है।2008 के बंदी के समय भी यह इतना ज़्यादा नहीं था।

#NOTE: *चीन की करेंसी युआन (RMB) का वैश्विक clearance हांगकांग, सिंगापुर, लंदन, लगज़्मबर्ग के एलावा UAE के बैंक से भी होने लगा है।ईरान जो कुछ जहाज़ से $2 million per ship होर्मुज़ से जाने का Yuan में रक़म ले रहा है, कहा जा रहा है कि उस का clearance यूएई के बैंक से हो रहा है।

*हम लोग अमृत कालखंड मे मुस्लिम नफ़रत पैदा कर चुनाव के खेल मे बहुचर्चित शख्सियत सायोनी घोष के चुनावी मंच से मेरे दिल में काबा और आंखों में मदीना गाना को बंगाल मे हार की वजह साबित करने में लगे हैं मगर उसी काबा और मदीना के मुल्क सऊदी अरब ने चीनी ज़बान स्कूल मे पढ़ाना शुरू कर दिया है और जद्दाह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मैंडरीन में लिखा साइनबोर्ड नज़र आने लगा है।

*गर्व है “मेरा पडोसी विश्वगुरु है”

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Some comments on the Post

Mohammed Seemab Zaman उर्दु नाम वालों, बंगाल चुनाव पर कोई टिका टिपण्णी नही किजये।आज जो बहुसंख्यक खुश हैं वह कुछ दिन बाद मातम करें गें, क्योंकि दुनिया बदल गई है।

  • Shekh Shakil Alam, बिल्कुल सही बोले सर और रही बात भारत की बदलाव की विश्वगुरु की तो 20,30 साल तक तो कुछ होने वाला नहीं है चाहे कोई आ जाए जो गड्ढा खोदा गया है हिन्दू मुस्लिम मंदिर मस्जिद का वो तो अब भरने से रहा और इसी कारण देश बहुत पीछे चला गया यहां तक कि नेपाल और बांग्लादेश भी रेस में आगे हो जायेंगे