The Post of 26 March 2026

ट्रम्प का यह हारा हुआ ईरान जंग दुनिया मे तेल और सोना की कीमत, शेयर बाजार और डॉलर पर लम्बे वक़्त तक असर अंदाज़ होगा।

ट्रम्प सुबह में कुछ बोलते हैं, शाम में कुछ, और रात में कुछ और टूविट कर पिंग-पोंग खेल खेल कर पूरे दुनिया के शेयर ब़ाज़ार (अर्थव्यवस्था) और अमेरिकी डॉलर को बरबाद कर दिया है।

पिछले 75 साल में पहली बार अमेरिका/इसराइल जंग हारा है।इस हारे हुऐ जंग से अमेरिकी डॉलर हमेशा के लिए कमज़ोर हो गया क्योंकि दुनिया की रिज़र्व करेंसी के तौर पर डॉलर की भूमिका के लिए मिडिल ईस्ट बहुत बड़ा स्ट्रेटेजिक अहमियत रखता है, जिस को अमेरिका ने इसराइल के चक्कर मे खो दिया।

ट्रम्प की बेवक़ूफ़ी ने 1939 से “Petrodollars” के लम्बे वक़्त से चले आ रहे विरासत की नींव हमेशा के लिए हिला दिया।अब भविष्य में Global Trades (अंतरराष्ट्रीय ट्रेड) और Global Reserves (अंतरराष्ट्रीय सेविंग्स) में डॉलर का इस्तेमाल ख़त्म होना शुरू हो जाये गा जिस के वजह कर सोना का दाम बढ़े गा और अमेरिका का स्टॉक मार्केट कमज़ोर हो जाये गा।

पिछले हफ़्ता जब लड़ाई तेज़ हुई तो अमेरिका का स्टॉक मार्केट उतनी तेज़ी से नहीं गिरा या नहीं गिरने दिया गया जितने तेज़ी से एशिया में भारत, साउथ कोरिया, जापान, हांगकांग वगैरह का बाज़ार गिरा। मगर मेरे हिसाब से अब Global Investors भविष्य में अमेरिका में invest नहीं करें गें और अपना निवेश अमेरिका से दूर डायवर्सिफ़ाई करें गें जिस का फ़ायदा चीन, हांगकांग, जापान और मिडिल ईस्ट के शेयर बाज़ार को होगा।

भारत का शेयर बाज़ार (अर्थव्यवस्था) भी ट्रम्प के हारे हुऐ जंग का फ़ायदा उठा सकता था अगर अमृतकाल मे संघ की सरकार चुनाव जीतने के लिए “टैक्स आतंक” (tax terrorism) और “भारतीय बैंकों” को डुबाना का खेल नहीं खेलता तो।

#NOTE: डोनाल्ड ट्रम्प का हारा हुआ यह ईरान जंग अमेरिका के बरबादी के लिए इस सदी का सबसे अचछा शगुन है।
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Some comments on the Post

Mohammed Seemab Zaman उर्दू नाम वालों आप लोग अपने बच्चों के पढ़ाई लिखाई पर ध्यान दिजये।कोशिश किजये के बच्चे Graduation के साथ अंग्रेज़ी लिखने-पढ़ने की अच्छी सलाहियत बनायें।साथ साथ अरबी या तुर्की या फ़ारसी ज़बान ज़रूर सिखें।इस जंग के बाद मिडिल ईस्ट, तुर्की, ईरान में बहुत jobs निकले गा और कामयाब लोगों को नागरिकता भी यह लोग दें गें।

  • Kunwar Abdul Qadir, Mohammed Seemab Zaman साहेब ❤️🫶🏻🫶🏻
  • Mohammed Seemab Zaman sir यहां के अंधे हुवे दिलो में कुछ रोशनी आएगी या नहीं या फिर उर्दू नाम वालो को टाइट करने की ख्वाहिश ही दिल में रख कर जिएंगे.

Jagdish Bhambhu, आप का अरब देशों पर विश्वास ज्यादा है, पर मुझे नहीं लगता कि ये अरब के आराम पसंद शेख अमेरिकी चंगुल नहीं निकलेंगे या कहे कि हाल फिलहाल अमेरिकी पिछलगु बने रहेंगे

  • Mohammed Seemab Zaman, Jagdish Bhambhu साहेब हम ने अरब को बहुत नज़दीक से देखा है, जो बहुत कम भारतीयों ने देखा होगा। अगर वह petrodollar की व्यवस्था नही रखते तो आज वह भी Nigeria, Venezuela या दूसरे oil producing countries होते। अमेरिका के पिछलगु से उन को फायदा हुआ और पैसा अमेरिका और यूरोप से ही कमाया है। आप को पता होगा क़तर की आबादी 1980 मे 15000 थी और उसने World Cup 2022 का infrastructure खड़ा कर मैच करवा दिया।

Arif Kamal सर एक बात समझ नहीं आ रही ।जब अमेरिका हार रहा है तो युद्धविराम के लिए बड़ी बड़ी शर्तें कैसे लगा रहा है ?
आगे ईरान का भविष्य क्या होगा ?क्या ईरान को अपना परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम बंद करना होगा ?

  • Mohammed Seemab Zaman नवाबी खत्म होने के बाद भी नवाबों की अकड़ नहीं जाती है, वहीं इस के साथ हो रहा है। परमाणु तो बंद कर देगा मगर मिज़ाइल बनाना नही बंद करे गा क्योंकि यह अमेरिका से नही मिला है बल्कि चीन, रूस, उत्तर कोरिया से मिला है। मिज़ाइल मे Chips लगता है, क्या यह बनाता है?
  • इन की तारीफ़ किजये कि यह Airforce या Navy पर खर्च नहीं किया बल्कि सस्ता ड्रोन और मिज़ाइल बनाया। ग़ौर किजये F35 को बनाने मे 30 साल लगा और $400 billion खर्च हुआ मगर वह भी गिरा दिया। दुनिया का पहला Drone Warfare तुर्की ने Azerbaijan मे 2020 मे जिता, आज ईरान वही काम कर रहा है।

Shahnawaz Siddiqui अगर ईरान गल्फ का एनर्जी सेक्टर तबाह कर दे तो उसे फिर से खड़ा करने में 10-15 साल लगेगा। खाड़ी देशों का करीब 2 ट्रिलियन अमेरिका में निवेश है और करीब 3 ट्रिलियन के बांण्ड्स अलग से अमेरिका से लिए हैं। गल्फ का एनर्जी सेक्टर तबाह होने से डॉलर की डिमांड एकाएक घटेगी और एनर्जी सेक्टर को पुनः खड़ा करने के लिए गल्फ वाले अमेरिका से पैसा निकालेंगे मतलब अमेरिका पे दोहरी मार पड़ेगी। उसका नंबर 1 तमगा भी चीन को जा सकता है।
आपका क्या सोचना है?

  • Mohammed Seemab Zaman आप ने सब सही लिखा है मगर सऊदी अरब को 10-15 साल नही लगे गा। सऊदी अरब पूरे सऊदी मे तेल के कुऑ को capped कर रखा है, जिस को वह 2-4 महीना मे use करने लायक़ बना देगा। दूसरा आप ने पढ़ा होगा कि सऊदी अरब सीरिया के oil sector में बहुत invest कर रहा है क्योंकि सीरिया मे तेल कुवैत से ज़्यादा है जिस को असद खांदान ने कभी इस्तमाल नही किया।
  • चीन मे सऊदी अरब की दो refinery है जहॉ सऊदी अरब अपना crude भेज कर रिफाइन कर store और export करता है, उसी export को अभी चीन ने रोका है। चीन सऊदी और पाकिस्तान मे refinery लगाये गा।

Jitendra Singh बिटकॉइन आने से डॉलर को बायपास करने का रास्ता मिला है। रूस ईरान उत्तर कोरिया अपना बिजनेस इसी से करते हुए अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। युआन में भी बिजनेस इसी वजह से चल रहा है। जैसे बिहार में शराब होम डिलीवरी से हो रहा है वैसे ही प्रतिबंध खाए हुए देश पहले से बेहतर बिजनेस कर रहे हैं।

  • Mohammed Seemab Zaman, Jitendra Singh साहेब, बिटकॉइन कामयाब नही होगा क्योंकि उस को लोग dollar terms मे ही आँकता है। हमेशा की तरह सोना ही रहे गा। कहा जा रहा है कि अगले पॉच साल मे सोना की क़ीमत $35000 हो जाये गा जो अभी $4500 है। हम तो यह पढ कर चौंक गये।

Kamal Siddiqui बेहतरीन पोस्ट, फ़ुफ़ड़ का मानसिक संतुलन खराब हो गया है, अब बोल रहा है मुझे ईरान का सुप्रीम लीडर बनने को कहा है मैने मना कर दिया