The Post of 30 May 2026

ट्रम्प को क्यों डर है कि आज ईरान से डील का मतलब है कल उस को और ज़्यादा जंग लड़ना पड़े गा।

ट्रम्प का डर सही है।मेरा कहना है कि ईरान होर्मुज़ पहले के तरह खोल देगा और ट्रम्प के साथ न्यूक्लियर पर डील भी कर ले गा क्योंकि राष्ट्रपति बुश ने ही 28 जनवरी 2002 को दस्तख़त कर ईरान को न्यूक्लियर प्लांट बनाने की एजाज़त दिया था।शर्त यह थी के ईरान कभी न्यूक्लियर बम नहीं बनाये गा।

ईरान भी हमेशा कहता है कि वह बम नहीं बनाये गा मगर वह न्यूक्लियर प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी को नहीं त्यागे गा।अगर ईरान प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी को नहीं छोड़े गा तो ईरान हमेशा इसराइल के लिए खतरा बना रहे गा, क्योंकि ईरान ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह को PLO से बड़ा संगठन बना दिया है।

ट्रम्प को यह अच्छी तरह पता है कि अगर वह ईरान की शर्त मान कर समझौता कर लेते हैं तो फ्यूचर में अमेरिका को चीन से ASEAN में और रूस से यूरोप में लड़ना होगा और अरब-तुर्की-ईरान, मिडिल ईस्ट के सभी मुल्क चीन और रूस का साथ दें गें क्योंकि फ़लस्तीन मसला Diplomacy से नहीं जंग से हल होगा।

ट्रम्प को पता है कि 2008 मंदी के बाद दुनिया में यहूदियों का Economic Hold खत्म हो गया है और अब यह Economic Power अरब मुल्कों के पास आ गया है।अमेरिका यह कभी नहीं चाहे गा कि वह मिडिल ईस्ट से निकल जाये और उस ख़ाली जगह को चीन भर दे।

#NOTE: नीचे Financial Times, London का विडियो देखये जिस में वह बता रहा है कि हर साल दुनिया के लीडर अमेरिका से ज़्यादा अब चीन जा रहे हैं। इस साल 2026 में दुनिया के 21 राष्ट्राध्यक्ष चीन जाकर शी जिनपिंग को सलाम किया है क्योंकि चीन अपने को “Pillar of stability in an uncertain world” के तौर पर पेश कर रहा है, जो अमेरिका नहीं करता है।