The FB Post on 21 May 2026
ट्रम्प की बेवकूफ़ी ने ईरान से जंग कर तेल और गैस की आपूर्ती दुर्लभ कर दुनिया की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया और चीन को दुनिया में सुपर वर्ल्ड पावर बन्ने का एक सुनहरा मौक़ा दे दिया।
*अमेरिका-इसराइल-ईरान जंग के आर्किटेक्ट प्रेसिडेंट ट्रम्प के चीन विज़िट के पाँच दिन बाद प्रेसिडेंट पुटिन बीजिंग पहुँचें। पुटिन का दौरा ख़त्म हुआ तो पाकिस्तान के वज़ीर आज़म शहबाज़ शरीफ दो दिन के लिए चीन जा रहे हैं।शहबाज़ शरीफ़ के 24 मई के वापसी के बाद प्रेसिडेंट शी जिनपिंग इस महीन के आख़िर में नोर्थ कोरिया का दो दिन का दौरा करें गें।
*पुटिन और शी के बीच करीबी स्ट्रेटेजिक रिश्ते दुनिया भर में एक बडे बदलाव का मंज़र हैं।चीन ने ईरान से स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप कर और सऊदी अरब-ईरान की दोस्ती करा कर मिडिल ईस्ट में अपने रिश्ते को अच्छा बना कर अपने को ग्लोबल पावर के तौर पर 21वी सदी मे पेश कर दिया।
*अमेरिका-इसराइल के जंग के वजह कर ईरान ने मिडिल ईस्ट और होर्मुज़ में उथल-पथल कर तेल का 1973 अरब-इसराइल जंग से बड़ा संकट दुनिया में पैदा कर दुनिया की अर्थव्यवस्था को कई वर्षों के लिए तबाह कर दिया।
*हम ने 10/7 के बाद कहा था कि अब फ़लस्तीन मुसलमानो का प्रोब्लम नहीं है बल्कि यह वेस्टर्न पावर का प्रोब्लम हो गया है।आज तीन साल बाद मेरा कहना है कि इस जंग ने यूरोप और ट्रम्प को दलदल में फँसा दिया है जहॉ से ट्रम्प का निकलना नामुमकिन हो गया है।
*ईरान जंग western powers और ट्रम्प के लिए सांप-छूचूंदर वाली कहानी हो गई है जिस का फ़ैसला ceasefire से नहीं होगा बल्कि एक “आखरी जंग” से होगी जिस में यूरोप, अमेरिका और भारत ऐसे बड़े देश की अर्थव्यवस्था कई दशकों के लिए तबाह हो जाये गी और बदला वर्ल्ड आर्डर हम सब को नज़र आ जाये गा।
#Note: क्योंकि जंग अभी खत्म नहीं हुई है, मेरी आप सभों से गुज़ारिश है कि दुआ किजये अगले हफ्ता हज अमन के साये में मुकम्मल हो और अल्लाह ताला सभी हाजियों का हज क़बूल करे।
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Some comments on the Post
Mohammed Seemab Zaman अगर कोई समझता या कहता है कि ट्रम्प ने नेतनयाहू के कहने पर ईरान पर जंग थोपा है तो यह बात ग़लत है। ट्रम्प नेतनयाहू के कहने पर नहीं बल्कि अपनी बेवकूफी में यह जंग शुरू किया है।ट्रम्प समझ रहे थे कि सऊदी अरब और दूसरे अरब मुल्क ट्रम्प का साथ दे गें, मगर ग़ाज़ा में क़त्ल आम की वजह कर किसी ने साथ नहीं दिया। ट्रम्प की यह बेवक़ूफ़ी मिडिल ईस्ट के लिेए एक फ़ैसला कून जंग साबित होगी।
सोवियत संघ से आज़ाद हुऐ सेंट्रल एशिया के 5 मुल्क और अरब मुल्कों को सौ साल बाद एक नई ताक़त गैस और तेल से मिली है जो 2050 तक सैकड़ों साल के लिए इन मुल्कों को तक़दीर बदल देगा।
Dilawar Khan आमीन,, बहुत सही कहा आपने सर,,, ईरान ने 1973 से बड़ा और घातक तरीके से तेल को हथियार बना कर इस्तेमाल किया है,, जिसकी वजह से कई देशों की अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी,,,,
मोदी जी और हमारे नेताओं को भी इसका अहसास हो गया है कि अब बर्बादी दरवाजे पर खड़ी है,,,
इस बात में कोई शक नहीं कि चीन विश्व गुरु बन गया है,,, आने वाला समय मुस्लिम दुनियां का है,,,अरब देश ही दुनियां को लीड करेंगे,,,
मातम मनाइयें अपनी नफरती विदेश नीति पर ऊर्जा से लबालब लबरेज़ भरे हुए मुस्लिम देशों के भण्डार होने के बाद भी हमारे नेता मुस्लिम दुनियां से अलग अमेरिका और यूरोप मे अपना भविष्य ढूंढ रहे थे.
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