The Post on 25 May 2026

1987 मे डोनाल्ड ट्रम्प ने “Art of the Deal” किताब लिखा था मगर आज ईरान ने “Over Negotiations” कर ट्रम्प के आर्ट ऑफ़ दी डील पर पानी फेर दिया।

*ट्रम्प अमेरिका-इसराइल-ईरान जंग 28 फ़रवरी को शुरू करने के पहले से ईरान से डील कर रहे थे मगर पॉच महीना खत्म हो गया और आज तक कोई डील ईरान के साथ नहीं हुआ।

शुरू में ईरान न्यूक्लियर बम नहीं बनाये गा इस पर बात चल रही थी, फिर ट्रम्प ने मिज़ाईल की शर्त रखी और ईरान ने होर्मुज़ बंद कर पूरी दुनिया को तेल संकट में डाल दिया।

*ट्रम्प को 5 अप्रील को ट्वीट कर ईरान को धमकी दे कर कहा “Open the Fuckin’ Strait, you crazy bastards, or you’ll be living in Hell.” मगर ईरान नहीं डरा बल्कि वह हर जहाज़ से $2 million टैक्स लेने लगा।

*फिर ट्रम्प ने सऊदी प्रिंस को गंवार वाली गाली दिया, मगर सऊदी अरब या कोई दूसरे मिडिल ईस्ट के मुल्क ने जंग मे अमेरिका का साथ नहीं दिया और आज ट्रम्प और नेतनयाहु दुनिया में अकेले रह गये।

*ट्रम्प तो ओबामा के 2015 के JCPOA से अच्छा डील करने का नाटक कर रहे थे मगर चीन के कहने पर ईरान ने “Strait of Hormuz” बंद कर एक नया मसला खड़ा कर ट्रम्प को चौराहे पर ला खड़ा कर दिया।कल ईरान ने ट्रम्प को “Memorandum of Understanding” (MOU) पर दस्तख़त के मुक़ाम पर लड़ा खड़ा कर दिया।

*अंततोगत्वा ट्रम्प अब ईरान की सब शर्त मान कर डील करने को तैयार हैं और कल एक नई शर्त रख दिया के पाकिस्तान, मिस्र, सऊदी अरब, क़तर, बहरैन सब को “Abraham Accord” पर दस्तख़त कर इसराइल को मान्यता देना होगा।

#NOTE: मेरा मानना है कि ट्रम्प के गाली-गलौज के बाद सऊदी अरब या कोई दूसरा मुल्क “अब्राहम एकॉर्ड” नहीं माने गा जब तक कि फ़लस्तीन का मसला हल नहीं होता है।अब सभी अरब मुल्क अमेरिका से पहले की तरह रिश्ते को क़ायम नहीं रखें गें क्योंकि चीन अमेरिका से बड़ा सुपर पावर आबादी के बदौलत हो गया है और रूस यूरोप में जंग कर रहा है।

ट्रम्प के पास सिर्फ़ दो विकल्प है, ईरान के शर्त पर MOU पर दस्तख़त करें या फिर जंग लड़ कर बेइज़्ज़त हो कर खाड़ी (Gulf) से अपनी अर्थी ले कर जायें।