The Post of 31st March 2026

अमेरिका-इसराइल ने ईरान पर जंग थोपा “न्यूक्लियर मुक्त” ईरान के नाम पर और फिर “regime change” का नारा लगाया ताकि 47 साल की सरकार ख़त्म हो मगर चीन ने ईरान से “होर्मुज़ की खाड़ी” को बंद करवा कर अमेरिका और इसराइल के इस दोनों नारा पर पानी फेर दिया।

*यह इस समय की सच्चाई है कि चीन अभी मिडिल ईस्ट में ईरान से “होर्मुज़ की खाडी” बंद करवा कर ट्रम्प और अमेरिका के इसराइल नवाज़ बुद्धिजीवियों को एक अजीब अफ़रा तफ़री के माहौल में ला खड़ा किया है क्योंकि दुनिया में तेल का दाम बढ़ गया और पुरी दुनिया ट्रम्प और इसराइल को कोसने लगी।

*साउथ अफ्रिका के राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने कहा था कि 1945 मे जापान तो जर्मनी के बाद सरेंडर करने को तैयार हो गया था मगर अमेरिका ने जापान पर एटम बम उसके बाद भी गिराया क्योंकि पश्चिमी ताक़तें अमेरिका को सुपर पावर बना कर सोवियत संध को छोटा करना चाहतीं थीं।

*मगर आज ट्रम्प और पश्चिमी बुद्धिजीवियों को डर है कि ईरान की जंग मे इसराइल अपने वजूद की आखरी लड़ाई मे न्यूक्लियर वार कर पश्चिमी ताक़तों के सुपर पावर स्टेटस को हमेशा के लिए ख़त्म कर दे गा।

*पश्चिमी ताक़तें ख़ास कर अमेरिकी बुद्धिजीवियों ने यह कभी नहीं सोंचा होगा कि इसराइल के तुष्टिकरण के वजह कर 2-3 करोड़ की मिडिल ईस्ट आबादी अपने सियासी समझदारी से “तेल और गैस” को हथियार बना कर द्वितीय विश्वयुद्ध (WWII) के बाद के वर्ल्ड ऑडर का जनाज़ा निकाल कर चीन को सुपर पावर बना दे गा।

#NOTE: इस जंग के ख़ात्मा के बाद #चीन एक ज़िम्मेदार, समझदार और प्रैक्टिकल ग्लोबल पावर के तौर पर नये वर्ल्ड ऑडर की अगवाई करे गा और हम भारतीय गर्व से नारा लगायें गें कि “मेरा पड़ोसी विश्वगुरु है”